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शराबी पति की प्रताड़ना से तंग आकर जोधपुर की एक महिला ने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ रहने का फैसला लिया, लेकिन महिला को डर है कि उसके ससुराल वाले उसके साथ बुरा बर्ताव कर सकते हैं, जिसको लेकर उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया है औ अपनी सुरक्षा की मांग की है. पीड़ित महिला का कहना है कि शराबी पति और ससुराल के लोग आए दिन धमकी दे रहे हैं.
'ससुराल वालों से है जान का खतरा'
राजस्थान हाईकोर्ट में अधिवक्ता निखिल भंडारी के जरिए दायर याचिका में बताया गया है कि मोनी और सुखाराम लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे है. मोनी के पति व ससुराल पक्ष वालों से उन दोनों को जान का खतरा लगातार बना हुआ है. मोनी का पति रोजाना शराब पीकर उसके साथ गाली-गलौच व मारपीट करता था.
एडवोकेट भण्डारी द्वारा हाईकोर्ट के सामने यह भी दलील दी गई कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में सभी नागरिकों को जीवन जीने व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मूलभूत अधिकार प्राप्त हैं और किसी के द्वारा भी इसका उल्लंघन व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन हैं. लिव-इन रिलेशनशिप की वजह से उनको जान का खतरा है ऐसे में पुलिस सुरक्षा उनके लिए आवश्यक है.
कोर्ट ने सुरक्षा प्रदान करने का दिया निर्देश
हाईकोर्ट जज जस्टिस माथुर ने सभी पक्षों को सुनने के बाद और एडवोकेट की दलील पर गौर करते हुए लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले प्रेमी प्रेमिका को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का आदेश पारित कर दिया.
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