
Rajasthan News: राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में एक शख्स पिछले 9 महीने से दफ्तरों के चक्कर काट रहा है. ताकि उसे सरकारी दस्तावेजों में जिंदा किया जा सके. यह शख्स एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी है. मामला है कि जिले के 22 NDR निवासी और उसी गांव के वार्ड 4 से निर्वाचित पंच लालचंद खुद को जिंदा साबित करने के लिए बहुत समय से जिला कलेक्ट्रेट, जिला परिषद और पंचायत समिति में गुहार लगा रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि लालचंद को मृत घोषित भी उसी पंचायत से किया गया है, जहां वह खुद निर्वाचित पंच है.
संपत्ति के लालच में कटवा दिया नाम
पीड़ित लालचंद का आरोप है कि जब उसके बेटे की ब्लड कैंसर के कारण मौत हो गई थी तो पुत्रवधू ससुराल छोड़कर चली गई और सारे कागजात भी अपने साथ ले गई. इसके बाद कुछ लोगों ने उसे सलाह दी कि अगर अपने ससुर को मृत घोषित करवा देती है तो उसकी जमीन और अन्य संपति उसके नाम हो जाएगी. इसके बाद पुत्रवधू ने कई कर्मचारी, ई-मित्र संचालक और अन्य लोग के साथ मिलकर लालचंद को मृत घोषित करवा दिया. इस बात की खबर जब लालचंद को लगी तो उसने जिला कलेक्टर, जिला परिषद, पंचायत समिति, सहित सभी से गुहार लगाई, लेकिन उनको कहीं न्याय नहीं मिला.
सही से नहीं किया गया वेरिफिकेशन
वहीं जिला कलेक्टर कानाराम ने बताया कि उनके सामने एक मामला आया था, जिसमें एक व्यक्ति का कहना है कि उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया है. मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर जन आधार से उनका नाम काट दिया गया है. मामले की जांच की गई तो सामने आया कि ग्राम विकास अधिकारी ने जो वेरिफिकेशन किया था, वह सही से नहीं किया गया. इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है. साथ ही पीड़ित को भी उनके दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए भी कहा गया है. ताकि उनका नाम दोबारा जोड़ा जा सके.
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