Jalore Family Boycott : जालोर जिले के भीनमाल क्षेत्र से सामाजिक कुरीतियों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां समाज के कथित पंचों द्वारा तुगलकी फरमान जारी करते हुए एक परिवार को पूरी तरह समाज से बहिष्कृत कर दिया गया है. पीड़ित परिवार ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए पुलिस व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है. पीड़ित पांचाराम माली, निवासी भीनमाल ने बताया कि उसके साले के कथित सामाजिक अपराध की सजा उसे और उसके पूरे परिवार को भुगतनी पड़ रही है.
पांचाराम के अनुसार उसका साला पहले से शादीशुदा था और वह समाज की ही एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था. इसी बात को लेकर समाज के पंचों ने निर्णय लिया कि उसका साला अब उनके घर नहीं आ सकता, लेकिन इसके साथ ही पोछाराम और उसके परिवार को भी समाज से बाहर कर दिया गया.
परिवार पर 11 लाख का जुर्माना
पांचाराम का आरोप है कि समाज के पंचों ने उसके खिलाफ हुक्का-पानी बंद करने का फरमान जारी किया है. उसे समाज में किसी भी प्रकार का उठना-बैठना, बातचीत या सामाजिक संपर्क करने से रोका गया है. इतना ही नहीं, समाज के लोगों को यह निर्देश भी दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति पोछाराम के घर न जाए, न उससे कोई लेन-देन करे और न ही उसे किसी प्रकार की मदद दे. पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर 11 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जिसे वह पूरी तरह अनुचित और अवैधानिक बता रहा है.
मिल रही है धमकियां
समाज के पंचों ने यह तक कह दिया है कि समाज के जिन लोगों की दुकानें हैं, वे पोछाराम और उसके परिवार को खाद्य सामग्री व अन्य आवश्यक सामान भी नहीं देंगे. पोछाराम ने बताया कि समाज के 5 से 7 लोग लगातार उसे धमकियां दे रहे हैं, जिससे उसका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है. इतना ही नहीं, जिन दुकानों को उसने किराए पर ले रखा है, उन्हें भी तुरंत खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है. उसे कहा जा रहा है कि वह जल्द से जल्द दुकानें खाली करे, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
पंच के खिलाफ मामला दर्ज
इस पूरे मामले से डरा-सहमा पांचाराम अपने परिवार के साथ जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष पेश हुआ और पूरी आपबीती बताई. इसके बाद भीनमाल पुलिस थाने में समाज के पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है.
भीनमाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पीड़ित परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में है और प्रशासन से मांग कर रहा है कि उसे सुरक्षा दी जाए तथा समाज के नाम पर इस तरह के अवैधानिक और अमानवीय फरमान जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
यह भी पढ़ेंः राजस्थान में किसान मचाने वाले हैं बवाल! जयपुर जाने वाला रास्ते... अजमेर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात