?im=Resize=(1230,900))
Rajasthan News: विधानसभा चुनाव से ठीक 15 दिन पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई चल रही है. शुक्रवार सुबह से ही आईटी के अधिकारी गणपति प्लाजा के रोयरा सेफ्टी वॉलेट्स में बने उन अति संवेदनशील लॉकर्स को तोड़ने में जुड़े हुए हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर काला धन जमा होने की जानकारी मिली है. आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और उन्हीं की निगरानी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है.
सवा करोड़ कैश और 1 kg सोना
पिछले महीने भी जब कुछ लॉकर्स को खोला गया था तो उसमें सवा करोड़ कैश और एक किलो सोना बरामद हुआ था. ये कैश इतनी बड़ी मात्रा में था कि उसे गिनने के लिए मशीनें तक मंगवानी पड़ी थीं. आज भी ऐसा ही कुछ बड़ा खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है. पिछले कई घंटों से आईटी के अधिकारी लॉकरों को तोड़कर उनकी छानबीन करने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं. चुनाव से पहले निजी लॉकर से करोड़ों रुपए और भारी मात्रा में सोना मिलने से सियासी माहौल भी गरमा गया है. वहीं गणपति प्लाजा के लॉकर में जिन-जिन लोगों ने संपत्ति रखी है, उनकी सांसें भी फूल रही है.
कुल 1100 लॉकर्स की कहानी
उल्लेखनीय हो कि गणपति प्लाजा के अंडरग्राउंड में बने रॉयेरा लॉकर्स रूम में कुल 1100 लॉकर हैं. इनमें से 540 लॉकर एक्टिव ही नहीं हैं. कुछ लॉकर्स ऐसे भी मिले, जिनके मालिक का नाम और पता मिल नहीं रहा है. यानी जिस नाम से लॉकर खोला गया, वह नाम अस्तित्व में नहीं हैं. जो पता लिखा रखा है, वहां पर व्यक्ति रहता ही नहीं है. आयकर विभाग को ऐसे ही लॉकर की जांच करने में समय लग रहा है. ईडी और आयकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक सारे लॉकर मलिक आकर अपना लॉकर नहीं खोल देते जांच जारी रहेगी.
किरोड़ी लाल मीणा ने लगाए थे आरोप
मालूम हो कि 13 अक्टूबर को भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गणपति प्लाजा के लॉकर्स में पेपर लीक के मामले के सफेदपोशों की काली कमाई होने की बात कही थी. किरोड़ी लाल मीणा ने आरएलपी महिला मोर्चा अध्यक्ष स्पर्धा चौधरी, सीएम अशोक गहलोत के करीबी दिनेश खोड़निया और कारोबारी अशोक जैन का नाम लिया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद ने कहा था कि यहां 100 लॉकर ऐसे हैं, जो बीते 10 साल से नहीं खुले हैं. इन्हीं लॉकर में अधिकारियों का पैसा है. इस लॉकर की जानकारी न तो आरबीआई को है, और न ही किसी अन्य एजेंसी को. इन लॉकरों में 500 करोड़ रुपये का कालाधन जमा है. 50 किलो सोना भी है. जो डीओआईटी, जेजेएम और पेपर लीक से जुड़े लोगों का है.