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This Article is From Jun 23, 2024

अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस: राजस्थान की 20 हजार महिलाओं ने पीएम और सीएम के नाम भेजा पोस्टकार्ड, रखी ये बड़ी मांग

राजस्थान की 20 हजार विधवा महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा को पोस्टकार्ड लिखा है. जिसमें उन्होंने कई मांगे रखी हैं.

अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस: राजस्थान की 20 हजार महिलाओं ने पीएम और सीएम के नाम भेजा पोस्टकार्ड, रखी ये बड़ी मांग

International Widows Day: अतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस 23 जून को मनाया जाता है. वहीं इस मौके पर राजस्थान की विधवा महिलाओं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा को पोस्टकार्ड के जरिए संदेश भेजा है. वहीं इस पोस्टकार्ड के जरिए महिलाओं ने अपनी कई मांगे रखी है. राजस्थान की 20 हजार विधवा महिलाओं ने पोस्टकार्ड लिखा है. हालांकि यह एक पहल है जिसे एकल नारी शक्ति संस्थान द्वारा पूरे राजस्थान में चलाया गया.

प्रदेश भर में अंतर्राष्ट्रीय विधवा दिवस को एकल महिला सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाया गया. संस्थान ने राजस्थान के 92 तहसीलों में कार्यक्रम किया. इस दौरान संगठन से जुड़ी विधवा महिलाओं ने 20 हजार पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री को भेजा. सभी पोस्टकार्ड पर उनकी मांगे दर्ज थी.

महिलाओं ने रखी यह मांगे

महिलाओं ने गरीब कल्याण योजना के तहत दिए जा रहे 5 किलो राशन को बढ़कर प्रति व्यक्ति 10 किलो करने की मांग की. साथी खाद्य सुरक्षा योजना में आवेदन के लिए पोर्टल नियमित रूप से खोलने की मांग की ताकि वंचित महिलाओं का नाम जोड़ा जा सके. गरीब एकल महिलाओं को गैस सिलिंडर में 50% सब्सिडी देने की मांग की. महिलाओं ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाने की भी मांग की. साथ ही एकल महिलाओं की गणना एवं उन्हें रोजगार के साधन उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया है. 

एकल महिलाओं के साथ लंबे वक्त से काम कर रही चंद्रकला शर्मा बताती हैं कि 2011 के जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में 22 लाख विधवा महिलाएं थी. कोविड के बाद इस आंकड़े में बड़ा इजाफा हुआ है. उन्होंने कहा कि करीब 10 में से एक विधवा अत्यधिक गरीबी का सामना करती है जबकि अन्य विधवा महिलाओं को हिंसा, सामाजिक कलंक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. भारत में लगभग चार करोड़ से ज्यादा विधवा महिलाएं हैं. इन सभी महिलाओं को मदद की, बराबरी की जरूरत है. हमारे देश में आज भी विधवा व एकल नारी को सम्मान नहीं दिया जाता. आज भी विधवा व एकल महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित हैं. इसलिए हमें इन मुद्दों पर और काम करने की आवश्यकता है ताकि विधवा महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ मिल सके.

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