Jaipur Air Pollution: राजस्थान की राजधानी जयपुर की हवा सुधारने के लिए 344 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. दरअसल, वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए 15वें वित्त आयोग से अब तक 344.70 करोड़ रुपये मिले हैं. राज्य सरकार ने गुरुवार (26 फरवरी) को राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान यह जानकारी दी. इसके अनुसार केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 15वें वित्त आयोग के माध्यम से जयपुर नगर निगम को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है तथा वायु गुणवत्ता सुधार हेतु जयपुर को अब तक 344.70 करोड़ रुपये की सहायता मिली है.
पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, ई-वाहनों को बढ़ावा देने तथा हरित विकास कार्यों से जयपुर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा.
भारत सरकार ई-वाहन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत
प्रश्नकाल में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ई-वाहन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रयासरत हैं, फलस्वरूप देश धीरे-धीरे पेट्रो ईंधन आधारित वाहनों से ई-वाहनों की दिशा में अग्रसर हो रहा है और 'ई-व्हीकल' के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण की समस्या पर लगाम लगेगी.
शर्मा ने बताया कि जयपुर में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत 21.7 वर्ग किलोमीटर भूमि पर पौधरोपण कर हरित पट्टी का विकास किया गया है.
वायु प्रदूषण का पहचान करेगी IIT कानपुर
मंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान के लिए आईआईटी कानपुर ने स्रोत निर्धारण अध्ययन किया है जिसके अनुसार जयपुर में प्रदूषण के मुख्य स्रोतों में सड़क एवं भवन निर्माण के समय फैलने वाली धूल, वाहन एवं औद्योगिक उत्सर्जन, ठोस अपशिष्ट का दहन तथा डीजल जनरेटर सेटों का उपयोग शामिल है.
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