Rajasthan News: राजस्थान की शादियों में अक्सर धन-दौलत और भव्यता की चमक दिखती है, लेकिन जयपुर में आज यानी मंगलावर को होने वाली एक शादी ने दिल जीत लेने वाली कहानी पेश की है. यहां एक पिता ने अपनी बेटी के प्रति स्नेह को एक नई परिभाषा दी है. जयपुर के रहने वाले शिव जौहरी जो पिछले सात सालों से टैंपल ज्वैलरी का बिजनस कर रहे है. उन्होंने अपनी बेटी श्रुति की शादी के निमंत्रण पत्र को एक ऐसे खास डिजाइन में बनवाया है जिसमें उन्होंने अपनी बेटी के खुशी दाम्पत्य जीवन के लिए समस्त देवी-देवताओं का आशीर्वाद सुनिश्चित किया है.
3 किलो शुद्ध चांदी से बनाया बेटी की शादी का कार्ड
गुलाबी नगरी के शिव जौहरी ने पिता के प्रेम की एक नई मिसाल पेश की है. अपनी बेटी की शादी के हर पल को खास बनाने के इरादे से उन्होंने 3 किलो शुद्ध चांदी का एक ऐसा निमंत्रण पत्र बनवाया है, जो आने वाली कई पीढ़ियों के लिए एक विरासत बन जाएगा.इस अनोखे कार्ड के पीछे एक पिता की 6 महीने की सोच और एक साल का अथक परिश्रम छिपा है, ताकि उनकी बेटी के दाम्पत्य जीवन में साक्षात देवी-देवताओं का आशीष बना रहे.

अनूठे कार्ड की कीमत लगभग 25 लाख
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अनूठे कार्ड की कीमत लगभग 25 लाख रुपये
शादी के इस विशेष कार्ड की खूबियों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इसे मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय मंदिरों की उत्कृष्ट वास्तुकला को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है.एक बॉक्स के आकार में बने इस अनूठे कार्ड की कीमत लगभग 25 लाख रुपये है.
आशीर्वाद और भावनाओं के संगम वाले इस कार्ड का आकार 8×6.5 इंच है और इसकी गहराई 3 इंच रखी गई है. इस मास्टरपीस को कुशल कारीगरों ने चांदी के 128 टुकड़ों को आपस में जोड़कर तैयार किया है. इस कार्ड की सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता यह है कि इसमें पूरी तरह से बिना किसी कील या पेच का इस्तेमाल किए बिना बनाया गया है.
बेटी के ससुराल को भेजा शादी का अनोखा कार्ड
शिव जौहरी ने यह विशेष कार्ड अपनी बेटी के ससुराल पक्ष को भेंट स्वरूप सौंपा है. कार्ड की बनावट और उस पर उकेरी गई कलाकारी देखते ही बनती है. कार्ड के सबसे ऊपरी हिस्से पर 'श्री गणेशाय नमः' अंकित है, जिसके ठीक नीचे दादा-दादी का नाम चांदी की नक्काशी के साथ खूबसूरती से लिखा गया है.

वर हर्ष सोनी और वधु श्रुति जौहरी
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वर - वधू को मिल रहा भगवान का आशीर्वाद
कार्ड के मुख्य पृष्ठ पर सबसे ऊपर प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की भव्य तस्वीर उकेरी गई है. उनके दाहिनी ओर माता पार्वती और बाईं ओर भगवान शिव की प्रतिमाएं हैं. इसके ठीक नीचे धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु विराजमान हैं. आस्था और पवित्रता के इसी संगम के बीच, केंद्र में वधु श्रुति जौहरी और वर हर्ष सोनी का नाम लिखा गया है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है इस जोड़े को साक्षात देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिल रहा है.

65 देवी-देवताओं के साथ देव- गण
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65 देवी-देवताओं को चांदी से गया है उकेरा
यह कार्ड किसी कलाकृति से कम नहीं है. इसमें साथ तिरुपति बालाजी के दो स्वरूपों और उनके देव-गणों को उकेरा गया है. कार्ड की बाहरी सतह पर अष्ट लक्ष्मी का ऐश्वर्य झलकता है, तो वहीं भीतरी हिस्से में भगवान विष्णु के दस अवतार और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अद्भुत चित्रण है.विशेष रूप से दक्षिण भारतीय शैली में बने 'पंच-काया' कृष्ण और उन्हें निहारती गायों की नक्काशी इस 25 लाख रुपये के चांदी के कार्ड को अद्वितीय बनाती है.