Rajasthan News: राजस्थान में राजधानी जयपुर की पुलिस ने एक चालाक गिरोह को पकड़ लिया जो नौकरी देने का झांसा देकर लोगों को ठगता था. इस गिरोह ने जलमहल के पास एक व्यक्ति से एक लाख रुपये और मोबाइल छीन लिया था. पुलिस ने मुख्य सरगना उदय मेहरा समेत सभी छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. लूटी गई पूरी रकम और फोन भी बरामद हो गया है. यह कार्रवाई जयपुर उत्तर जिले के ब्रह्मपुरी थाने की टीम ने की है जो शहर में बढ़ती ठगी की घटनाओं पर नजर रख रही थी.
झांसे में फंसकर आया था काम की तलाश में
पीड़ित परमेश ने पुलिस को बताया कि वह काम की तलाश में था. करीब एक महीने पहले उसने उदय मेहरा से फोन पर बात की थी. उदय ने जयपुर में अच्छी नौकरी दिलाने का वादा किया. फिर 27 दिसंबर 2025 को दोबारा संपर्क हुआ और उसे जयपुर बुला लिया गया. परमेश शहर पहुंचकर ठहर गया.
30 दिसंबर 2025 की शाम करीब आठ बजे उदय ने उसे जलमहल की पाल पर मिलने बुलाया. वहां पहुंचते ही उदय के साथी आ गए. वे सब मिलकर परमेश को जंगल की तरफ ले गए. वहां उन्होंने उसकी पिटाई की डराया धमकाया और पैसे मांगे. डर के मारे परमेश ने अपने पिता से फोन कर एक लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए. बदमाशों ने UPI से वो पैसे निकाल लिए और उसका मोबाइल भी छीन लिया. परमेश किसी तरह वहां से भागा और 1 जनवरी 2026 को ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस की विशेष टीम ने जाल बिछाया
मामले की जांच में पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर करन शर्मा ने बताया कि पीड़ित की रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लिया गया. पुलिस आयुक्त जयपुर शहर सचिन मित्तल आईपीएस और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने गिरोह के ठिकानों पर छापे मारे और सभी आरोपियों को धर दबोचा.
उदय मेहरा इस गिरोह का सरगना था जो ऐसे ही कई लोगों को फंसाता था. पुलिस ने लूट का सारा सामान बरामद कर लिया है. जांच अभी जारी है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों या पुरानी वारदातों का पता लगाया जा सके.
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