
Rajasthan News: राजस्थान के धौलपुर जिले के सैपऊ कस्बे के पांच युवक 23 अगस्त को वैष्णो देवी माता के दर्शन के लिए गए थे. माता के दर्शन के बाद 25 अगस्त को जम्मू के किशनपुर डोमेल सड़क मार्ग पर झज्जर कोटली थाना क्षेत्र में भयानक लैंडस्लाइड ने उनकी जिंदगी बदल दी. पहाड़ों से मलबा गिरने और पानी के तेज बहाव ने पांचों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया.
इस हादसे में यश गर्ग, प्रांशु और शिव बह गए, जबकि दीपक और आदित्य ने किसी तरह जान बचा ली. हादसे के पांच दिन बाद भी यश और प्रांशु का कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिजनों का दिल टूट चुका है.
शिव की मौत, शव पहुंचा खैरागढ़
हादसे के दूसरे दिन जम्मू पुलिस ने तवी नदी में शिव का शव बरामद किया, जो घटनास्थल से करीब 50 किलोमीटर दूर मिला. यह जगह पाकिस्तान सीमा से केवल 7 किलोमीटर दूर थी. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया. तवी नदी में बारिश के कारण तेज बहाव है, जिससे यश और प्रांशु की तलाश में मुश्किलें बढ़ रही हैं. जम्मू पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली.
परिजनों का दर्द, प्रशासन पर गुस्सा
परिजन कुंज बिहारी गर्ग ने बताया कि हादसे के बाद वे तीन दिन तक जम्मू में डटे रहे, लेकिन यश और प्रांशु का पता नहीं चला. निराश होकर वे खैरागढ़ लौट आए. परिजनों का कहना है कि धौलपुर जिला प्रशासन ने उनकी कोई मदद नहीं की. ना कोई अधिकारी उनके घर पहुंचा, ना ही कोई फोन आया. स्थानीय लोगों और रिश्तेदार सांत्वना देने आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी से परिजनों में गुस्सा है.
कुंज बिहारी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन से मदद की अपील की थी. बाकी जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर के किसी भी नेता या सरकारी कर्मचारियों ने मोबाइल पर बात तक नहीं की है. इस मुसीबत के समय में स्थानीय जिला प्रशासन का रवैया बेहद गैर जिम्मेदाराना रहा है.
तवी नदी में सर्च ऑपरेशन जारी
झज्जर कोटली थाने के उप-निरीक्षक तनवीर शर्मा ने बताया कि तवी नदी में तेज बहाव के बावजूद यश और प्रांशु की तलाश जारी है. हादसे में बचे दीपक और आदित्य ने बताया कि मलबा और पानी इतनी तेजी से आया कि बचने का मौका ही नहीं मिला. परिजनों को अब अनहोनी का डर सता रहा है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है.