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This Article is From Sep 07, 2023

जयपुर में जन्माष्टमी की धूम, जानिए प्रसिद्ध मंदिरों की आरती और शोभायात्रा का समय

जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में आज रात 12:00 बजे भगवान श्री कृष्णा के जन्मोत्सव पर 31 तोपों की सलामी दी जाएगी, इसके बाद पूजा अर्चना कर भगवान के श्रृंगार किए जाएंगे, फूल मालाओं से सजावट होगी.

जयपुर में जन्माष्टमी की धूम, जानिए प्रसिद्ध मंदिरों की आरती और शोभायात्रा का समय
गोविंद देव जी मंदिर.

Janmashtami Celebration In Jaipur : भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को आज पूरा देश जन्माष्टमी के रूप में मना रहा है. छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध राजधानी जयपुर का गोविंद देव जी का मंदिर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ दिखाई दे रहा है. इसी को देखते हुए आज इसकी शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती के साथ की गई. श्रद्धालु आज सुबह से ही मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं.

जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर प्रांगण में हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं जिसको लेकर त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है, जिसके तहत वीवीआईपी,वीआईपी और,साधारण लाइन बनाई गई हैं .मंदिर प्रांगण और उसके बाहर पुलिस द्वारा भारी सुरक्षा के इंतज़ाम किये गए है. मंदिर प्रांगण में पहुंचते समय मेटल डिटेक्टर से होकर गुज़रना पड़ेगा.  उसके बाद सुरक्षा जांच होकर श्रद्धालु आगे जा सकेंगे.

आज रात 12:00 बजे भगवान श्री कृष्णा के जन्मोत्सव पर 31 तोपों की सलामी दी जाएगी, इसके बाद पूजा अर्चना कर भगवान के श्रृंगार किए जाएंगे, फूल मालाओं से सजावट होगी और फिर कल 8 तारीख को शाम 4:00 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी. जो गोविंद देव जी मंदिर से होते हुए पुरानी बस्ती स्थित गोपीनाथ जी के मंदिर तक जाएगी. इस शोभा यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है. 

बनीपार्क स्थित मंदिर राधा दामोदर जी की टाइमिंग

बनीपार्क स्थित मंदिर राधा दामोदर जी में  कृष्ण जन्मोत्सव और श्रीजी का अभिषेक होगा.आज शाम सात बजे भजनामृत सत्संग कार्यक्रम होगा. रात आठ बजे से 10:30 बजे तक पंचामृत द्वारा श्रीजी का भी अभिषेक, श्रृंगार करके अर्धरात्रि 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव और कृष्ण जन्म आरती होगी 8  सितंबर को नंदोत्सव और छप्पन भोग दर्शन होंगे.

जगतपुरा कृष्ण बलराम मंदिर में भी तैयारी

जगतपुरा हरे कृष्ण मार्ग स्थित कृष्ण बलराम मंदिर में 108 कलशों के नारियल पानी एवं पंचामृत से महाअभिषेक होगा. वृंदावन से विशेष प्रकार के चमकीले रेश्मी वस्त्र आभूषणों से युक्त पोशाकों में नवरत्न एवं हीरों की जड़ाई चार चांद लगा देगी. जयपुर के विशेष जौहरियों द्वारा विदेश से नवरत्न मंगवाए गए हैं जिन्हें जयपुर के ही जौहरियों ने पोशाक में जड़ा है. तिरुपति बालाजी की तर्ज पर भगवान श्री कृष्ण और बलराम महाहार पहनेंगे. सुबह 6:30 बजे से रात तक चार बार अभिषेक होंगे. दर्शन की सुविधा के लिए पांच स्थानों पर दर्शन की व्यवस्था की गई है.


सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष मुस्तैदी

जन्माष्टमी को लेकर पुलिस की ओर से चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई है, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और फेस रिकॉग्नाइज्ड सॉफ्टवेयर के तहत अपराधियों के फोटो अपलोड किए गए हैं जिससे कि कमरे की रडार में आने पर अपराधियों को चिन्हित किया जा सके.

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