
NIA Raid in Rajasthan: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड मामले में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो बार राजस्थान में छापेमारी की थी. इस दौरान रोहित गोदारा गैंग से जुड़े गुर्गों पर एक्शन लेते हुए एक बदमाश को गिरफ्तार किया था. दो दिन पहले हुई इस कार्रवाई के बाद शनिवार को झुंझुंनूं एसपी ने 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है.
किस कारण हुए सस्पेंड?
झुंझुनूं एसपी देवेंद्र विश्नोई ने बताया कि ये चारों पुलिसकर्मी अपने क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर नजर रख पाने में असफल रहे हैं. इस कारण पिलानी थाने के बीट अधिकारी ललित कुमार, बीट कांस्टेबल विजय कुमार, गुढागौड़जी थाने के बीट अधिकारी कैलाश सिंह और कांस्टेबल विकास पर एक्शन लेते हुए सस्पेंड कर दिया गया है. ये सभी अपने बीट की सूचना संकलन सही नहीं पाए, इसीलिए इन पर ये कार्रवाई की गई है.
अशोक मेघवाल को किया अरेस्ट
बताते चलें कि एनआईए की टीम ने दो दिन पहले राजस्थान वह हरियाणा सहित दो दर्जन जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें झुंझुनू जिले में भी दो जगह पर एनआईए के अधिकारी आए थे. पिलानी थाने के झेलरी गांव में व गुढ़ागोडजी के बामलास गांव में एनआईए की टीम ने कार्रवाई की थी. झेलरी गांव से अशोक मेघवाल को 8 हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था. अशोक मेघवाल को रोहित गोदारा गैंग का गुर्गा मानते हुए व हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद और भी कई खुलासे होने की संभावना है.
धमेंद्र के परिजनों को दिया नोटिस
वहीं गुढ़ागोडजी थाने के बामलास गांव में धर्मेंद्र उर्फ धर्मा के घर पर भी एनआईए की टीम ने रेड डाली थी. हालांकि धर्मेंद्र घर पर नहीं मिला था तो एनआईए की टीम ने धर्मेंद्र के मोबाइल को जब्त कर अपने साथ ले गई थी. साथ ही परिजनों को नोटिस दिया था कि 8 तारीख तक धर्मेंद्र को एनआईए के समक्ष पेश किया जाए.
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