करौली जिले की सपोटरा विधानसभा सीट से विधायक हंसराज मीणा ने 26 करोड़ रुपए के नरेगा घोटाले का मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान घोटाला हुआ, जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री के एक करीबी रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है. विधायक ने सदन में कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में इतनी बड़ी अनियमितता सीधे तौर पर गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात है. उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके.
एसीबी को जांच के निर्देश
सदन में उठाए गए प्रश्न पर संबंधित मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने गंभीरता दिखाई. उन्होंने बताया कि जब वे राज्यसभा सांसद थे, तब केंद्रीय टीम से कराई गई जांच में भी अनियमितताओं की जानकारी मिली थी. उसी आधार पर अब मामले की पूरी जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
विधायक ने दी चेतावनी
विधायक हंसराज मीना ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनता के हक और पारदर्शिता की लड़ाई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे. अगर इस मामले में आरोप साबित हुए तो नरेगा में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है.
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