Ashok Gehlot on Karnataka Politics: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच सत्ता संघर्ष के बीच ब्रेकफास्ट मीटिंग हुई. इसके साथ ही दोनों के बीच खींचतान की अटकलों पर विराम लगता दिख रहा है. वहीं, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तलाक की खबर बनती है, लेकिन दोस्ती की नहीं. कर्नाटक में सियासी घटनाक्रम पर उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों नाश्ते की टेबल पर मिले हैं, तो यह अच्छी बात है. दोनों का नाश्ते की टेबल पर मिलना शुभ संकेत है, कोई झगड़ा हैं ही नहीं.
प्यार-मोहब्बत की खबरें न्यूज नहीं बनतीं- गहलोत
गहलोत ने कहा, "मीडिया वालों के लिए प्यार-मोहब्बत की खबरें न्यूज़ नहीं बनतीं. अगर कोई तलाक हो रहा है तो न्यूज़ बनती है. यहां तलाक नहीं हो रहा, यहां प्यार मोहब्बत है. कांग्रेस राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में एकजुट है." उन्होंने कहा कि तमाम बातें हवा में ही चलती रहती हैं कि सरकार बनते वक्त क्या फैसला किया था? ढाई साल का कोई वादा किया या नहीं, किसी को नहीं मालूम.
"छत्तीसगढ़ में भी ढाई-ढाई साल की बात नहीं हुई थी"
कांग्रेस के दिग्गज नेता ने कहा कि राहुल गांधी को पूछे, खड़गे साहब को पूछे या फिर डिप्टी सीएम को पूछा जाना चाहिए. अगर वो कहते हैं कि हां ऐसा कोई फैसला हुआ है, तब मीडिया चलाएं. गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी के नाम से चला देते हैं कि मुझे तो मुख्यमंत्री बनने के लिए ही भेजा गया है. कुछ चला देते हैं कि ढाई-ढाई साल की बात हुई है. ना ही छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल की बात हुई.
यह भी पढ़ेंः रैपिडो ड्राइवर के खाते में आए 331 करोड़: जिस ताज अरावली में हुई थी बॉलीवुड शादियां, अब वही ED शक के घेरे में