पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने गाय के बछड़े की हत्या के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि गौहत्या के आरोपी को बचाने के लिए सरकार स्तर पर षड्यंत्र किया जा रहा है, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होगा. खाचरियावास ने दावा किया कि मामले से जुड़े अपराधियों के वीडियो सार्वजनिक हो चुके हैं और आरोपी स्वयं घटना को स्वीकार कर चुका है.
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्यनारायण शर्मा ने वीडियो में माना है कि उसने बछड़े को हिंगोनिया गौशाला भेजा था और बाद में उसकी गर्दन कटवाकर मंगवाई गई. खाचरियावास के अनुसार, बछड़े की हत्या के बाद गाय भी तड़प-तड़प कर मर गई. उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा का मुख्य उद्देश्य धर्म के आधार पर राजनीति करना है और पार्टी अपने पदाधिकारी को बचाने की कोशिश कर रही है.
''विधायक गोपाल शर्मा आरोपी को थाने से छुड़ाकर लाए''
खाचरियावास ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा आरोपी को थाने से छुड़ाकर लाए. उन्होंने कहा कि यदि सरकारी दबाव में डॉक्टरों द्वारा गलत मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई है तो संबंधित चिकित्सकों को भी अदालत में चुनौती दी जाएगी. उन्होंने मांग की कि पुलिस और राज्य सरकार पूरे मामले के सभी बयान सार्वजनिक करें ताकि सच्चाई सामने आ सके.
''मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है''
पूर्व मंत्री ने कहा कि हिंगोनिया गौशाला प्रबंधन का कहना है कि उनके यहां ऐसा कोई बछड़ा नहीं लाया गया, जबकि आरोपी का बयान कुछ और है. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वीडियो और स्वीकारोक्ति के बाद सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती. गलत रिपोर्ट देने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई.
''गोरक्षा आंदोलन तेज किया जाएगा''
खाचरियावास ने घोषणा की कि इस मामले को लेकर गोरक्षा आंदोलन तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि गौ रक्षा कानून 1955 की धारा 429 के तहत दोषियों और उन्हें बचाने वालों के खिलाफ सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है और हाई कोर्ट में कार्रवाई की जाएगी. साथ ही राजस्थान की विभिन्न विधानसभाओं में गौरक्षा यात्राएं निकालने, राजभवन और विधानसभा का घेराव करने तथा जनता के बीच मुद्दा उठाने की बात कही.