
कोटा में कोचिंग छात्रों की आत्महत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार को एक और छात्र ने अवसाद की वजह से कथित तौर पर आत्महत्या करने की कोशिश की है. मामला शहर के कुन्हाड़ी इलाके का है, जहां रह रहे एक छात्र पर आरोप है कि उसने सुसाइड के लिए बुखार की ओवरडोज गोलियां खा लीं, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई. छात्र की पहचान गुलशन के रूप में हुई. छात्र को इलाज के लिए तुरंत महाराव भीमसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक छात्र बिहार के खगड़िया ज़िले का रहने वाला है और किराए के रूम पर रह कर ही सेल्फ स्टडी कर रहा था और कुछ दिन बाद वो किसी निजी कोचिंग संस्थान में NEET की तैयारी करने के लिए एडमिशन लेने वाला था. गुलशन के दोस्त अमर ने NDTV को बताया कि गुलशन 2018 में नीट की तैयारी के लिए कोटा आया था और करीब दो साल से कोटा में रहा था.
गुलशन के दोस्त अमर ने बताया, गुलशन का चयन नहीं हुआ था. कोरोना महामारी के बीच उसकी तैयारी बाधित हो गई थी, लेकिन अब वह दोबारा से कोटा में ही सेल्फ स्टडी कर मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लगा था. फिलहाल गुलशन की हालत स्थिर बताई जा रही है, कुल्हाड़ी थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.
गौरतलब है कोटा में इस साल अब तक कोचिंग छात्रों के सुसाइड के 21 मामले सामने आ चुके हैं. छात्रों के सुसाइड को रोकने और उनको तनाव मुक्त रखने के लिए लगातार सरकार की ओर से भी प्रयास किए जा रहे हैं. पिछले दिनों इस मामले पर गहलोत सरकार द्वारा एक कमिटी भी बनाई गई है, लेकिन यह क़दम पूरी तरह से कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं.