
Kothputli Borewell Accident: राजस्थान के कई जगहों पर बोरवेल मौत का कारण बनता है. लेकिन हैरत की बाद ये है कि हादसा होने के बाद प्रशासन हरकत में आता है. ताजा मामला कोटपूतली जिले से सामने आया है, जहां हाल ही में हुए चेतना हादसे के बाद भी ना ही प्रशासन जागरूक हुआ और ना ही ग्रामीण! गुरुवार को दोबारा कोटपूतली में एक हादसा देखने को मिला. जहां 70 फीट गहरे कुएं में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई.
55 साल के व्यक्ति को बचाने उतरा भतीजा
बनेठी के कायमपुरा बास रोड स्थित स्वास्थ्य केंद्र के पास 70 फीट गहरे कुएं में 55 वर्षीय व्यक्ति गिर गया, जिसे बचाने के लिए उसका भतीजा नीचे उतरा, लेकिन वह भी गिर गया. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत राजकीय BDM अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया, जबकि भतीजे का इलाज जारी है.
रस्सी टूटने से दोनों गिरे कुएं में
बताया जा रहा है कि 55 साल के भरताराम कुमावत अचानक कुएं में गिर गए. सूचना पर आस पास के ग्रामीण मौके पर मौजूद हो गए. भरताराम को कुंए से बाहर निकालने के लिए उसका भतीजा कुएं में उतरा. जैसे ही वह भरताराम को रस्सी के सहारे बाहर निकालने का प्रयास कर रहा था अचानक रस्सी टूटने से दोनों जने कुएं में गिर गए.
प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू अभियान
सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा. प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर दोनों को बाहर निकाला और BDM अस्पताल भेजवाया. अस्पताल में चिकित्सकों ने भरताराम को मृत घोषित कर दिया. जबकि घायल भतीजे का उपचार जारी है. इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप
मासूम बच्ची चेतना के साथ हुए बोरवेल हादसे के बावजूद क्षेत्र में कई कुएं बिना किसी सुरक्षा उपाय के खुले पड़े हैं, जो लगातार हादसों को न्यौता दे रहे हैं. ग्रामीणों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर रोष व्याप्त है और उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.
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