
Jaipur Heritage Municipal Corporation: जयपुर हेरिटेज नगर निगम में कार्यवाहक मेयर के रूप में कुसुम यादव (Kusum Yadav) का चुनाव किया गया है. बीते सोमवार को मुनेश गुर्जर को मेयर पद से हटाया गया था. जिसके बाद कार्यवाहक मेयर चुनने की बात कही गई थी. इसके बाद अब मंगलवार (24 सितंबर) को कार्यवाहक मेयर के रूप में कुसुम यादव को चुना गया है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि कुसुम यादव के निर्दलीय पार्षद है. यानी कार्यवाहक मेयर के रूप में ने कांग्रेस और न ही बीजेपी पार्टी से किसी का चुनाव किया गया है.
बताया जा रहा है कि कुसुम यादव दूसरी बार पार्षद बनी है. हालांकि पहले वह बीजेपी से पार्षद बनी थी. लेकिन दूसरी बार बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो बगावत करते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ा था. वहीं कुसुम यादव को जीत भी हासिल हुई थी.
मेयर का चुनाव लड़ चुकी हैं कुसुम यादव
कुसुम यादव जब निर्दलीय चुनाव लड़ कर पार्षद बनी तो उस वक्त बीजेपी ने उन्हें मेयर पद का प्रत्याशी चुना था. हालांकि कुसुम यादव को हार का सामना करना पड़ा था. कुसुम यादव के पति अजय यादव भी राजनीति में सक्रिय हैं. अजय यादव भी खुद पार्षद रहे और चेयरमैन भी रहे हैं.
बता दें मंगलवार को ही कांग्रेस के 8 पार्षद बीजेपी में शामिल हुए हैं. यानी अब बीजेपी के पास अब 42 से 50 पार्षद हो गए हैं. हेरीटेज नगर निगम में 100 वार्डों में बहुमत के लिए 51 पार्षदों की जरूरत होती है. बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेस पार्षदों में मनोज मुद्गल, उत्तम शर्मा, ज्योति चौहान, सुशीला, अरविंद मेठी, मोहम्मद जकारिया, पारस जैन और संतोष कंवर का नाम शामिल है.
झाबर सिंह खर्रा ने दी थी मुनेश गुर्जर के निलंबन की मंजूरी
मुनेश गुर्जर के खिलाफ नोटिस जारी करने के बाद जवाब के लिए तीन दिन का समय दिया गया था. वहीं स्वायत्त शासन विभाग द्वारा सोमवार (23 सितंबर) को एक लेटर जारी किया जिसमें मुनेश गुर्जर के निलंबन को लेकर निर्देश जारी किया गया. इस लेटर में मुनेश गुर्जर को निलंबित करने का कारण भी बताया गया. वहीं यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मुनेश गुर्जर के निलंबन की मंजूरी दी.
बता दें झाबर सिंह खर्रा एसीबी की चार्जशीट की रिपोर्ट को लेकर ही कहा था कि मुनेश गुर्जर को जल्द ही निलंबित किया जाएगा. इसके बाद अभियोजन के कार्य को मंजूरी दी गई थी. हालांकि मुनेश गुर्जर ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है. लेकिन अभी सुनवाई बाकी है.
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