
राजस्थान की शानदार नस्ल मारवाड़ी घोड़ों की दमखम दिखाने का एक और मौका मिलने जा रहा है. जोधपुर में 18 और 19 नवंबर को महाराजा हनवंत सिंह क्वालीफायर राइड का आयोजन किया जाएगा. इस राइड में मारवाड़ी नस्ल के घोड़े 40 किलोमीटर की दौड़ में भाग लेंगे. इस राइड में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले पशुओं को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया जाएगा.
इस राइड का आयोजन जोधपुर पोलो एंड इक्वीस्ट्रीयन फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के तत्वावधान में किया जा रहा है. इस राइड में 5 वर्ष तक के घोड़ों को ही अनुमति दी जाएगी. यह राईड इन्द्रोका, बेरू और नारवा होकर पुनः इन्द्रोका तक की जाएगी.
जोधपुर पोलो एण्ड इक्वीस्ट्रीयन इन्स्टीट्युट व अखिल भारतीय मारवाड़ी हॉर्स सोसायटी के मानद सचिव इन्द्रजीत सिंह नाथावत ने बताया कि यह प्रतियोगिता इससे पूर्व वर्ष 2004, 2005, 2007, 2009, 2010 और 2012 में भी आयोजित की जा चुकी है.

उन्होंने कहा कि मारवाड़ी घोड़ों में लंबी दूरी तक दौड़ने की क्षमता होती है. इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जहाँ मारवाड़ी घोड़ों ने लंबी दूरी तय कर कई प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है.
नाथावत ने कहा कि लम्बी दूरी की दौड़ के लिए घोड़ों को तैयार करने में बहुत अधिक मेहनत, समय और लगन लगती है. एक एन्ड्योरेन्स घोड़े को तैयार करने में लगभग 3 से 4 साल का समय लगता है. उन्होंने यह भी बताया कि राइड में भाग लेने वाले सभी घोड़ों का पशु चिकित्सकों द्वारा अच्छी तरह से जाँच की जाएगी. घोड़ों की हृदय गति, श्वास गति और तापमान को मापा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे सभी स्वस्थ हैं और दौड़ में भाग लेने के लिए फिट हैं.

अगर कोई घोड़ा लंगड़ा हो जाता है या तय माप दंडों से बाहर हो जाता है तो उसे स्पर्धा से बाहर कर दिया जाएगा. ग्लेंडर रोग के मामलों के कारण सीकर और झुंझुनू क्षेत्र के घोड़ों को इस राइड में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
जोधपुर में आयोजित होने वाली महाराजा हनवंत सिंह क्वालीफायर राइड मारवाड़ी घोड़ों की क्षमता को प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर है. इस राइड में देश के कई प्रसिद्ध घोड़े भाग लेंगे और यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा घोड़ा विजेता बनकर उभरेगा.