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Rajasthan: मेवाड़ के श्री सांवरिया सेठ मंदिर में चढ़ावे का रिकॉर्ड, दानपात्र से निकले 22,00,00,000 रुपये से ज्यादा

Sanwaliya Seth: चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध श्री सांवरिया सेठ मंदिर में मासिक दानपात्र खुलने के बाद गिनती जारी है. अब तक 22 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निकल चुकी है, और अभी और गिनती बाकी है.

Rajasthan: मेवाड़ के श्री सांवरिया सेठ मंदिर में चढ़ावे का रिकॉर्ड, दानपात्र से निकले 22,00,00,000 रुपये से ज्यादा
सांवलिया सेठ के भंडार में मिला करोड़ों का खजाना, भक्तों ने दिया कारोबार में 'हिस्सा'

Rajasthan News: मेवाड़ का प्रसिद्ध कृष्ण धाम, श्री सांवरिया सेठ मंदिर, एक बार फिर अपने भव्य चढ़ावे को लेकर चर्चा में है. 22 अगस्त को खोले गए मंदिर के मासिक दानपात्र (भंडार) से अब तक 22 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये की राशि निकल चुकी है, और गिनती का काम शनिवार को भी जारी है. भक्तों की अटूट आस्था का यह नजारा हर महीने देखने को मिलता है, जब यहां करोड़ों का चढ़ावा आता है.

कैसे हुई चढ़ावे की गिनती?

सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को खोला जाता है. इस बार भी 22 अगस्त को राजभोग आरती के बाद मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में दानपात्र खोला गया. इसके बाद से ही अलग-अलग चरणों में चढ़ावे की गिनती हो रही है.

  • पहले दिन (22 अगस्त): 8 करोड़ 90 लाख रुपये की गिनती हुई.
  • दूसरे चरण: 4 करोड़ 60 लाख रुपये.
  • तीसरे चरण: 3 करोड़ 86 लाख 50 हजार रुपये.
  • चौथे चरण: 2 करोड़ 50 हजार रुपये.
  • पांचवें चरण: 2 करोड़ 94 लाख रुपये.
  • छठवें चरण: 84 लाख रुपये.
इन छह चरणों में कुल मिलाकर 22 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये की राशि गिनी जा चुकी है.

नोट गिनने के लिए 180 कर्मचारी

नोटों की गिनती के लिए मंदिर मंडल ने 180 से ज्यादा कर्मचारियों को लगाया है, जो कई शिफ्टों में काम कर रहे हैं. पूरी गिनती मैन्युअल और सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में हो रही है. अभी दानपात्र की पूरी गिनती, भेंट कक्ष, ऑनलाइन और कार्यालय में आए चढ़ावे की गिनती बाकी है. इसके अलावा, दान में मिले सोने-चांदी और विदेशी मुद्राओं की भी गिनती अभी होनी है.

जिस तरह से हर महीने चढ़ावे की राशि 28 से 29 करोड़ रुपये तक पहुंच रही है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार भी यह आंकड़ा काफी बड़ा होगा.

भक्तों की आस्था और कारोबार में साझेदारी

सांवलिया सेठ को भक्तों द्वारा 'कारोबार का पार्टनर' माना जाता है. मान्यता है कि भक्त अपने कारोबार में भगवान को साझेदार बनाते हैं और जब उन्हें मुनाफा होता है, तो उसका एक हिस्सा भगवान को अर्पित करते हैं. इसी आस्था के चलते यहां करोड़ों का चढ़ावा आता है. यह चढ़ावा सिर्फ मंदिर के विकास कार्यों में ही नहीं, बल्कि आसपास के 16 गांवों के विकास में भी लगाया जाता है.

मंदिर मंडल लगातार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काम कर रहा है, ताकि हजारों की संख्या में आने वाले भक्तों को आसानी से दर्शन मिल सकें.

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