राजस्थान के नागौर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. निकाह करने पर पंचायत ने दो परिवारों के लिए तुगलकी फरमान सुना दिया है. जानकारी के अनुसार, पंचायत ने दो परिवारों का हुक्का पानी बंद कर दिया. साथ ही उन्हें 3 साल के लिए गांव से निष्कासित करने का फरमान सुना दिया है. पंचायत के इस तुगलकी फरमान के खिलाफ पीड़ित परिवार ने अब पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है.
बासनी गांव में हुई घटना
जानकारी के मुताबिक, निगाह करने पर 2 परिवार को तुगलकी फरमान सुनाने की घटना सदर थाना इलाके के बासनी गांव की है. जहां पर बनी सामाजिक संस्था की पचांयत में तुगलकी फरमान सुनाया है. पीड़ित परिवार की ओर से लिखित में शिकायत दर्ज करने पर इस संबंध में सदर थाने में मामला दर्ज हुआ है.
नागौर सीओ जतिन जैन ने बताया कि बासनी निवासी पीड़ित अल्लाहबक्ष ने रिपोर्ट दी, जिसमें उसने बताया कि उनके बच्चों का निकाह करने से नाराज नागौरी कौमी सोसाइटी ने दोनों परिवारों का न केवल हुक्का पानी बंद कर दिया, बल्कि उन्हें 3 साल के लिए गांव से निष्कासित करने का सार्वजनिक ऐलान भी करवा दिया है.
पुलिस ने तुगलकी फरमान पर दर्ज की FIR
पीड़ित अल्लाहबक्ष ने रिपोर्ट देकर बताया कि उनके पुत्र रियान और इकबाल की पुत्री गुलनार ने परिजनों की सहमति से निकाह किया था. इससे नाराज़ सोसाइटी के अध्यक्ष सचिव उपाध्यक्ष अन्य पदाधिकारी ने 30 दिसम्बर को रात्रि में सदर बाजार में मीटिंग कर फरमान जारी किया. सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किया जा रहे हैं.
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