Rajasthan News: नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र में 24 जनवरी को हरसौर में बरामद 10 टन विस्फोटक के मामले में SIT द्वारा मामले की जांच कई खुलासे हुए हैं . नागौर में 10 टन विस्फोटक मिलने के मामले में SIT ने बड़ा खुलासा किया है. आरोपी सुलेमान खान को विस्फोटक सप्लाई करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. एसआईटी ने चारों सप्लायरों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है. थांवला थाना अधिकारी अशोक कुमार ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि एक आरोपी लाइसेंस सरेंडर करने के बाद दो साल से नर्सिंगकर्मी की नौकरी करते हुए अवैध सप्लाई कर रहा था. वहीं तीन लाइसेंस धारक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अमोनियम नाइट्रेट को बेच रहे थे.
4 में से एक आरोपी चित्तौड़गढ़ का
सुलेमान खान इनसे विस्फोटक खरीदकर महंगे दामों में बेचता था. 3 आरोपी नागौर और एक चित्तौड़गढ़ का रहने वाला है. आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों में मैगजीन (लाइसेंस प्राप्त स्टोरेज सेंटर) का संचालन करते हैं. पूछताछ के बाद SIT ने लाइसेंसशुदा मैगजीन संचालक भरत कुमार (नागौर), देवराज मेड़तिया (बुटाटी, नागौर) और महेंद्र पाल सिंह (कड़ेला, नागौर), बंसीलाल बंजारा (बस्सी, चित्तौड़गढ़), को गिरफ्तार किया है.
अवैध रूप से विस्फोटक की सप्लाई
SP ने बताया- बंसीलाल बंजारा के पास 3000 टन की मैगजीन का लाइसेंस है. इसके अलावा पाल के पास साढ़े चार टन और भरत के पास दो टन का लाइसेंस है. देवराज ने दो साल पहले मैगजीन सरेंडर कर दी थी. इसके बाद वह कुचेरा CHC में संविदा पर नर्सिंगकर्मी के पद पर काम करते हुए अवैध रूप से विस्फोटक की सप्लाई कर रहा था. अमोनियम नाइट्रेट के 50 किलो के कट्टे पर 10 रुपए प्रति किलो अतिरिक्त लेकर बेच रहे थे. क्वालिटी के अनुसार इसकी सरकारी दर 80 से 160 रुपए प्रति किलो है.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने पुलिस मुख्यालय को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने की बात कही है, जिसमें विस्फोटक अधिनियम के नियमों में सुधार और लाइसेंस धारकों की सख्त मॉनिटरिंग के सुझाव शामिल होंगे. उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति को बेनकाब किया जाएगा और जिले में अवैध विस्फोटक के कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जाएगा.
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