Rajasthan News: राजस्थान के सीकर जिले में श्रीमाधोपुर क्षेत्र के कंचनपुर जोरावरनगर निवासी अग्निवीर करणसिंह राठौड़ ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी. करणसिंह की तैनाती सिलीगुड़ी के बागडौगरा क्षेत्र में थी. ड्यूटी के दौरान हुए उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के अनुसार 1 फरवरी की शाम को सेना के अधिकारी का फोन आया जिसमें करणसिंह के निधन की जानकारी दी गई. इससे कुछ घंटे पहले ही करणसिंह ने अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी और बताया था कि ड्यूटी पूरी कर भोजन करने जा रहे हैं. इसके बाद आई खबर ने पूरे परिवार को स्तब्ध कर दिया. घर की महिलाओं का रो रोकर बुरा हाल है.
पार्थिव देह का सम्मानपूर्वक आगमन
अग्निवीर करणसिंह की पार्थिव देह सिलीगुड़ी से दिल्ली लाई गई. वहां से आज शाम विमान द्वारा जयपुर सैन्य अस्पताल पहुंचाई जाएगी. इसके बाद पार्थिव देह को सड़क मार्ग से पुलिस थाना श्रीमाधोपुर लाया जाएगा.
तिरंगा रैली और राजकीय सम्मान
कल सुबह श्रीमाधोपुर में वीर जवान के सम्मान में तिरंगा रैली निकाली जाएगी. इसके बाद राठौड़ों की ढाणी में पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा.
देशसेवा की परंपरा वाला परिवार
करणसिंह का परिवार पहले से ही देशसेवा से जुड़ा रहा है. उनके पिता दयाल सिंह राठौड़ करीब दस वर्ष पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए थे. दोनों चाचा भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं. बहन निकेता कंवर वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल में तैनात हैं. अविवाहित करणसिंह करीब तीन वर्ष दस महीने पहले अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती हुए थे.