राजस्थान विधानसभा की चौथे दिन की कार्यवाही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रफीक खान ने जयपुर में भूमाफिया का मु्द्दा उठाया. कांग्रेस विधायक दल के सचेतक रफीक खान ने कहा कि भूमाफिया ने जयपुर विकास प्राधिकरण या जेडीए की ही जमीन हथिया ली है. उन्होंने कहा कि हालत इतनी गंभीर हो गई है कि जब जेडीए ने इसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया तो जेडीए के ही अधिकारी इस पर कोई कार्रवाई नहीं होने दे रहे.
रफीक खान ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जेडीए की जमीन पर कब्ज़े का मुद्दा उठाया. रफीक खान ने कहा, "भूमाफिया जयपुर में जगह-जगह सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. यहां तक कि भूमाफिया ने जेडीए के निर्मित फ्लैट्स और उनकी बनाई दीवार को भी तोड़ दिया और अंदर चले आए. मुझे तो यह भी डर है कि अगर जेडीए की जमीन सुरक्षित नहीं है तो कहीं भूमाफिया विधानसभा के भी अंदर नहीं चले आएं."
रफीख खान ने बताया कि जेडीए ने राजीव गांधी आवासीय योजना के तहत 1800 फ्लैट बनाए थे, जिसकी दीवार तोड़कर भू-माफिया ने कब्ज़ा कर लिया, और ना केवल अंदर चले आए बल्कि उसके 300 मीटर की दीवार खड़ी कर दी. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जान-बूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही.
JDA ने शिकायत की और JDA ही कार्रवाई नहीं कर रही
खान ने कहा, "उस परियोजना का इंचार्ज एक एक्सईएन था और उसने भी शिकायत की थी लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला. लेकिन मैंने जब जाकर धरना दिया तो तीन महीने बाद एफआईआर दर्ज किया गया. लेकिन जेडीए की एफआईआर पर भी कार्रवाई नहीं हुई. जेडीए के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं."
रफीक खान ने आगे कहा कि जेडीए साधारण लोगों पर तो मुस्तैदी से कार्रवाई करती है, लेकिन भू-माफिया के सामने घुटने टेक देती है. उन्होंने कहा,"जेडीए किसी के मकान की आधी दीवार तोड़ने पहुंच जाती है. लेकिन गरीबों के लिए बनाई योजना को कब्जा कर जो दीवार बनाई गई उसे तोड़ने के लिए आपके लोग नहीं पहुंचते हैं."
उन्होंने कहा कि एक ओर भू-माफिया लोगों को धमकियां देते हैं और दूसरी ओर लोगों की शिकायत ही दर्ज नहीं की जाती. उन्होंने कहा, "भूमाफिया जब धमकी देता है कि जो सामने आएगा उसे मार दूंगा, तो इसकी शिकायत लेकर जानेवालों की एफआईआर दर्ज नहीं की जाती. जिन लोगों को वो फ्लैट या भूखंड जेडीए ने अलॉट कर दिया, उनकी एफआईआर नहीं लिखी जा रही है. लेकिन, एफआईआर नहीं लिखने से अपराध कम नहीं होगा."
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