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This Article is From May 26, 2025

इलाज के बहाने मस्ती करते क़ैदियों के मामले पर ACP बोले, इसमें जेल प्रशासन, अस्पताल और पुलिस की मिलीभगत

Rajasthan News: पहले जेल से कैदियों को ‘इलाज के बहाने’ बाहर निकाला जाता, फिर सीधे होटलों में पहुंचाया जाता, जहां वे अपने परिजनों और महिला मित्रों से मुलाकात करते.

इलाज के बहाने मस्ती करते क़ैदियों के मामले पर ACP बोले, इसमें जेल प्रशासन, अस्पताल और पुलिस की मिलीभगत
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल पुलिस कमिश्नर कुंवर राष्ट्रदीप

Rajasthan News: जयपुर सेंट्रल जेल से इलाज के बहाने बाहर निकाले गए कैदियों को SMS अस्पताल से होटलों में ‘VIP ट्रीटमेंट' दिलाने के मामले में पुलिस ने भले तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 5 पुलिसकर्मी, 4 कैदी और 4 उनके परिजन व सहयोगी शामिल हैं लेकिन इस घटनाक्रम ने जयपुर पुलिस की कार्यशैली को धूमिल कर दिया है. 

NDTV से बात करते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल पुलिस कमिश्नर कुंवर राष्ट्रदीप ने कहा जयपुर पुलिस की कार्यप्रणाली के लिहाज से एक बड़ी चूक है. इस तरह की घटनाएं तभी होती हैं जब पूरा सिस्टम जेल प्रशासन, अस्पताल के अधिकारी और पुलिस मिलीभगत में हों. अब सिर्फ इस केस की नहीं, बल्कि पुराने मामलों की भी जांच की जाएगी.

अस्पताल और जेल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जाएगी- कुंवर राष्ट्रदीप

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना जेल की सहमति, मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचे? कैदी होटल तक कैसे गए? अब हर लिंक की जांच होगी और कोई बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि अभी तक 13 लोगों की गई है लेकिन अभी अस्पताल और जेल प्रशासन की भूमिका की भी जांच की जाएगी. सिस्टम को साफ़ करने के लिए बड़े और कड़े क़दम उठाए जाएंगे.

होटलों में अपनी महिला मित्रों से करते थे मुलाक़ात 

इस मामले में लालकोठी थाना पुलिस की गई जांच के मुताबिक, जेल प्रशासन, पुलिस गार्ड, SMS अस्पताल के कुछ डॉक्टर और कैदियों के परिजनों की मिलीभगत से एक पूरा नेटवर्क काम कर रहा था. योजना बेहद सुनियोजित थी. पहले जेल से कैदियों को ‘इलाज के बहाने' बाहर निकाला जाता, फिर सीधे होटलों में पहुंचाया जाता, जहां वे अपने परिजनों और महिला मित्रों से मुलाकात करते.

क्या है पूरा मामला? 

इन होटलों में कई बार शराब पार्टी, रात्रि भोज और मोबाइल के ज़रिए सोशल मीडिया एक्टिविटी तक की जाती थीं. यानी जेल की चारदीवारी के बाहर, अपराधी खुली आज़ादी का मज़ा ले रहे थे. SMS अस्पताल के कुछ डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ जेल के भीतर तैनात गार्ड और ड्यूटी अधिकारी पुलिस की मेडिकल एस्कॉर्ट टीमें, होटल प्रबंधन, जहां कैदी पहुंचे और संभवतः वो जेल अधिकारी जिन्होंने जानबूझकर आंखें मूंद रखीं सब सवालों के घेरे में है. 

पुलिस ने 13 गिरफ्तारियां कर ली हैं. सीसीटीवी फुटेज, होटल की एंट्री रजिस्टर और कैदियों के कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. अब इस पूरे रैकेट की जांच जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने की संभावना है.

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