Rajasthan News: राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के बैनर तले 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी बुधवार सुबह पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ के आवास पहुंचे. कर्मचारियों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया और एक ज्ञापन सौंपा. यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि कर्मचारियों ने राठौड़ साहब को सेवा बंद होने से उत्पन्न संकट और अपनी बेरोजगारी की स्थिति विस्तार से बताई.
अधिकारियों से बात करने का आश्वासन
कर्मचारियों की बात ध्यान से सुनने के बाद राजेंद्र सिंह राठौड़ ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि वे आज ही प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से चर्चा करेंगे. साथ ही उच्च अधिकारियों से बात कर जल्द 104 एंबुलेंस सेवा दोबारा शुरू कराने का प्रयास करेंगे. राठौड़ ने यह भी कहा कि अधिकारियों से बातचीत के बाद कर्मचारियों को हर स्थिति की जानकारी दी जाएगी. इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने उनका आभार व्यक्त किया.
सेवा बंद होने से हजारों परिवार प्रभावित
राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा बंद होने से करीब 1200 कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं. इसके कारण हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. कर्मचारी अब आंदोलन की राह पर जाने की तैयारी कर रहे हैं.
क्यों बंद हुई 104 एंबुलेंस सेवा
प्रदेश में चल रही 600 से अधिक 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंसों का संचालन 10 दिसंबर 2025 को अचानक रोक दिया गया. इसका मुख्य कारण चिकित्सा विभाग द्वारा समय पर नया टेंडर जारी न करना था. वर्ष 2020 से 2025 तक सेवा संचालित करने वाली एजेंसी मॉडर्न इमरजेंसी सर्विसेज का टेंडर समाप्त हो गया लेकिन नई व्यवस्था नहीं हो पाई.
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने सितंबर अक्टूबर और नवंबर का वेतन नहीं दिया. कुल बकाया राशि चार करोड़ 58 लाख 28 हजार रुपये बताई जा रही है. इससे कर्मचारियों की परेशानियां और बढ़ गई हैं.
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