
Rajasthan News: अशोक गहलोत राज में बने 17 में से 9 नए जिलों को भजनलाल सरकार ने खत्म कर दिया है. शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मंत्री जोगाराम पटेल ने 9 नए जिलों और तीन संभागों के खत्म करने के बारे में जानकारी दी. जोगाराम ने कहा कि आचार संहिता की घोषणा से तुरंत पहले पूर्ववर्ती सरकार ने नए जिलों की घोषणा की थी. जो व्यवहारिक नहीं है. न ही इन जिलों की जनसंख्या आधार सही था. भजनलाल कैबिनेट के इस फैसले के बाद राजस्थान में सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं.
जन-आंदोलन करेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने भजनलाल सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे जनमानस के खिलाफ व अलोकतांत्रिक बताया है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस अलोकतांत्रिक, विवेकहीन फैसले के खिलाफ जन-आंदोलन करेगी और आवश्यकता हुई तो न्यायालय की शरण भी ली जाएगी.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस फैसले की निंदा की. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने केवल राजनीतिक द्वेष के कारण जिले समाप्त करने का जनविरोधी निर्णय लिया है. कांग्रेस पार्टी इस फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक जन-आंदोलन करेगी.
राजनीतिक लाभ के लिए बनाए जिले-बीजेपी
वहीं, कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत और सुमित गोदारा ने विपक्ष के बयान को बचकाना और बेतुका बताया. अविनाश गहलोत ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने चुनावी साल के आखिर में राजनीतिक लाभ के लिए ये जिले बनाए थे. गोदारा ने कहा कि मौजूदा सरकार का फैसला जनहित में लिया गया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार का उद्देश्य राज्य की पूरी जनता को लाभ पहुंचाना है और इस दिशा में लगातार जनहितैषी काम किए जा रहे हैं.

भाजपा का आरोप है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने ये जिले राजनीतिक लाभ के लिए बनाए थे. यह फैसला आचार संहिता की घोषणा से ठीक पहले ही हुआ था. बता दें कि शनिवार को कैबिनेट बैठक में पिछली अशोक गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए 17 में से 9 जिलों व 03 नए संभागों को भी खत्म करने का फैसला किया गया. हालांकि, 08 नए जिलों को बरकरार रखा गया है.
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