राजस्थान विधानसभा में आज, सोमवार, 23 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई. आज नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीकाराम जूली की प्रश्नकाल के दौरान भजनलाल सरकार के दो मंत्रियों के साथ जबरदस्त बहस हो गई. जूली की पहले शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर से जुबानी जंग हुई. इसके बाद उनकी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत तथा मुख्य सचेतक और कैबिनेट मंत्री जोगेश्वर गर्ग के साथ जोरदार भिड़ंत हो गई.
स्कूटी वितरण योजना पर जवाब के दौरान हंगामा
अविनाश गहलोत के साथ टीकाराम जूली की बहस तब हुई जब वह दिव्यांगों के लिए स्कूटी वितरण योजना पर सवालों का जवाब दे रहे थे. यह सवाल बगरू के बीजेपी विधायक कैलाश वर्मा ने पूछा था. उन्होंने अपने क्षेत्र में दिव्यांगों को स्कूटी नहीं मिलने के बारे में सवाल किया था. उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के 20 दिव्यांगों के लिए उन्होंने आवेदन भेजा था. साथ ही उन्होंने पूछा कि देरी की वजह से वितरण के लिए तय स्कूटी की लागत बढ़ गई है तो क्या सरकार इस विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी.
मंत्री अविनाश गहलोत ने इसका जवाब दे दिया और विधायक इससे संतुष्ट भी हो गए. लेकिन, फिर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने संबंधित प्रश्न पूछा जिसके बाद सदन का माहौल गरमा गया.

टीकाराम जूली और जोगेश्वर गर्ग
Photo Credit: Rajasthan Assembly
"इनका क्या लेना देना है?"
टीकाराम जूली के सवाल पूछने पर सबसे पहले मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति की और पूछा कि इस सवाल से इनका क्या लेना-देना है इनका, ये तो सिर्फ बगरू क्षेत्र का सवाल है.
उनके टोकने से जूली उखड़ गए और कहा - "क्या लेना देना है? मजाक बना रखा है! स्कूटी का मामला पूरे प्रदेश का आता है, समय पर वितरण नहीं करने से लागत बढ़ गई, उस अधिकारी के खिलाफ आप क्या कार्रवाई करेंगे, ये बताइए?"
अशोक गहलोत का नाम लेने पर हंगामा
इसके बाद मंत्री अविनाश गहलोत ने जवाब देना शुरू किया लेकिन इससे पहले उन्होंने एक टिप्पणी की और कहा, "मुझे ऐसा लगता है कि आज कंपिटीशन चल रहा है सवाल पूछने का क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साहब आज सदन में आए हैं." दरअसल, आज सदन की कार्यवाही के दौरान अशोक गहलोत भी सदन में मौजूद थे.
ये सुनते ही टीकाराम जूली सीट से खड़े हो और उन्होंने तेज आवाज में कहा, आप तो जवाब दे दो, ये पॉलिटिकल जवाब नहीं चलेगा. क्या मतलब है इसका, मजाक बना रखा है. बकवास करवा लो. अध्यक्ष जी, मंत्री को जवाब देना चाहिए, तो हमपर उंगली उठा रहे हैं. जो पूछा जा रहा है उसका जवाब दें, तो कह रहे हैं कि गहलोत साहब आ गए. विधानसभा का मज़ाक बना रखा है!"
मंत्री अविनाश गहलोत ने भी खड़े होकर जूली को तेज़ आवाज़ में जवाब दिया और कहा कि 'ज्यादा तेज आवाज में बात नहीं करिए, ज्यादा तेज आवाज से झूठ सच नहीं होता है.'
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के दखल के बाद मंत्री ने जवाब दिया और कहा कि स्कूटी योजना के लिए टेंडर ऑनलाइन आता है, उसमें किसी अधिकारी की भूमिका नहीं होती, इसलिए इसमें किसी की मिलीभगत नहीं है. आवेदकों के दावों का सत्यापन करने में समय लगता है जिससे देर होती है. और यह पिछली सरकार में भी होता था.
ये भी पढ़ें:- गहलोत के तीखे तेवर, सुखबीर सिंह जौनपुरिया के वीडियो पर बीजेपी को घेरा, ओम बिरला-निशिकांत दुबे पर भी दिया बयान