
Bhajanlal Sharma: राजस्थान में बीजेपी ने अपना नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है. बीजेपी ने भजन लाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) को मौका दिया है. हालांकि, भजन लाल शर्मा का चयन पूरे प्रदेश को चौंका दिया है. खुद भजन लाल शर्मा को भी शायद नहीं पता होगा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है. भजन लाल शर्मा पहली बार विधायक चुने गए हैं और इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया. हालांकि, शायद ही लोगों को पता होगा कि भजन लाल शर्मा कभी बीजेपी के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
भजन लाल शर्मा 2003 में नदबई विधानसभा से लड़े थे चुनाव
भजन लाल शर्मा पहली बार 2003 में नदबई विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे. उस समय वह राजस्थान सामाजिक न्याय मंच की ओर चुनाव लड़ रहे थे. और उनके सामने बीजेपी के उम्मीदवार जीतेंद्र सिंह थे. हालांकि, इस चुनाव में दोनों की हार हुई थी और निर्दलीय उम्मीदवर कृष्णेंद्र कौर की नदबई सीट से जीत हुई थी.

हालांकि, पहले वह बीजेपी से ही जुड़े थे. 1990 में एबीवीपी के साथ कश्मीर मार्च में सक्रिय रहे. जबकि 1992 में राम जन्मभूमी आंदोलन में जेल भी गए. 1991-92 में भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद बीजेपी संघठन के लिए काम करते रहें.

एक नजर में जानिए राजस्थान के सीएम भजन लाल शर्मा के बारे में.
वह मंडल अध्यक्ष भरातीय जनता युवा मोर्चा नदबई, जिला मंत्री भाजयुमो, जिला उपाध्यक्ष भाजयुमो, जिला महामंत्री भाजयुमो, जिलाध्यक्ष भाजयुमो (तीन बार), जिला मंत्री भारतीय जनता पार्टी जिला भरतपुर, जिला महामंत्री भारतीय जनता पार्टी जिला भरतपुर, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी भरतपुर, प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान, प्रदेश महामंत्री भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान के लिए काम किया.
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सीटिंग एमएलए का टिकट काटकर मिला सांगानेर से मौका
भरतपुर के रहने वाले भजन लाल शर्मा को बीजेपी ने सांगानेर जैसी सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाया. दिलचस्प बात ये है कि इस सीट पर सिटिंग एमएलए अशोक लाहोटी का टिकट काटकर भजन लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया. बता दें सांगानेर बीजेपी का गढ़ रहा है.