Rajasthan News: नागौर में मिले विस्फोटक मामले में गिरफ्तार सुलेमान खान को तीसरे दिन अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया. उसे पुलिस कस्टडी में तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था. आरोपी सुलेमान को कोर्ट में पेशी के लिए नागौर ले जाया गया है. कोर्ट से रिमांड मिलने पर उससे विस्फोटक की सप्लाई चेन, नेटवर्क और इसके इस्तेमाल को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं. एनआईए की भी एक टीम मामले की जांच के लिए पहुंच चुकी है. सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील मानते हुए मामले की हर एंगल से जांच में जुटी हैं.
58 वर्षीय सुलेमान हुआ था गिरफ्तार
दरअसल, गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले राजस्थान के नागौर जिले में सामने आई बड़ी कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी. हरसौर गांव स्थित एक फार्महाउस से करीब 10 हजार किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर और डेटोनेटिंग वायर सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई. इस मामले में 58 वर्षीय सुलेमान खान को गिरफ्तार किया गया है.
पहली बार इतनी मात्रा में मिला विस्फोटक
अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान में पहली बार एक ही स्थान से इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय अलर्ट मोड में आ गया है और प्रारंभिक जांच में किसी बड़े नेटवर्क और साजिश की आशंका जताई जा रही है. नागौर एसपी मृदुल कछावा के अनुसार, लंबे समय से खुफिया विभाग को जिले में विस्फोटक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री और भंडारण की सूचना मिल रही थी.

2-3 कमरे में छिपाकर रखा था विस्फोटक
इसी आधार पर 24 जनवरी को पुलिस ने हरसौर गांव के एक खेत में बने फार्महाउस पर छापा मारा. यहां 187 बोरियों में 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित अन्य विस्फोटक सामग्री मिली. फार्महाउस करीब 45 बीघा जमीन में फैला है, जहां 2-3 कमरों में यह सामग्री छिपाकर रखी गई थी. जांच में सामने आया कि सुलेमान खान पहले लीगल विस्फोटक मैगजीन का संचालन करता था और उसे विस्फोटक बनाने व स्टोर करने की पूरी तकनीकी जानकारी थी.
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