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This Article is From Jun 22, 2025

Rajasthan: साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय का पर्दाफाश, 7 राज्यों में 24 करोड़ की ठगी

Rajasthan: पूरे नेटवर्क को चलाने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनके पास से 12 मोबाइल, 1 लैपटॉप और 3 चेकबुक जब्त की गई हैं.

Rajasthan: साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय का पर्दाफाश, 7 राज्यों में 24 करोड़ की ठगी
पुलिस ने साइबर अपराध करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

Rajasthan: राजस्थान की राजधानी जयपुर में साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश किया है, जो 7 राज्यों में 24 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है. गिरोह नेपाल और दुबई में बैठी सरगनाओं के इशारे पर भारत में फर्जी बैंक खाते खोलकर चीन की साइबर ठग गैंग को बेचता था. गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल निवासी लाल दोर्जे तामांग और सुजल तामांग, दिल्ली निवासी पवन जैन और अब्दुल शाहमा शामिल हैं. पूछताछ में खुलासा हुआ कि मास्टरमाइंड लाल दोर्जे चाइनीज गिरोह से सीधे टेलीग्राम और इंटरनेट के जरिए जुड़ा था और दुबई में बैठी एक महिला सुषमा के संपर्क में था. यह सुषमा बैंक खाता, सिम और ईमेल आईडी चीनियों को उपलब्ध करवाने में मदद करती थी.

5 लाख रुपए में एक खाता बेचता था  

गिरोह 5 लाख रुपए में एक खाता बेचता था. चाहे वह 50 हो या 60 खाते. इन खातों से अगर चीन से कोई ऑनलाइन ट्रेडिंग या गेमिंग के नाम पर पैसा ट्रांसफर करता, तो आरोपी प्रति ट्रांजैक्शन 2.5 से 5 फीसदी तक कमीशन लेते थे. यह रकम USDT जैसी क्रिप्टोकरेंसी में ली जाती थी, ताकि ट्रैकिंग न हो सके.

मोबाइल में APK ऐप इंस्टॉल करवाते थे 

सुजल तामांग का काम था खाताधारकों की निगरानी करना और उनके मोबाइल में APK ऐप इंस्टॉल करवाना. यह एक प्रकार का स्पाई ऐप था, जिससे चीनियों को खातों का पूरा एक्सेस मिल जाता था. इन मोबाइल्स को सुजल होटल में रखवाता और मोबाइल की एक्सेस नेपाल के लाल दोर्जे तक पहुंचा देता.

लोगों को कमीशन देते थे 

दिल्ली निवासी पवन जैन ने ही लाल दोर्जे को जयपुर बुलाया था. गिरोह के सदस्य देशभर में बैंक खातों की तलाश करते, लोगों को कमीशन पर राजी करते और फिर उनके मोबाइल में APK इंस्टॉल करवा देते थे. सभी लेन-देन डिजिटल और एनक्रिप्टेड माध्यम से होते थे.

चार आरोपी गिरफ्तार 

इस गैंग की साइबर ठगी की शिकायतें उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित सात राज्यों में दर्ज हैं. राजस्थान पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, RPS अधिकारी सोनचंद वर्मा के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप तैयार किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनके खिलाफ आईटी एक्ट व IPC की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.इस गिरोह से जुड़े कई और चेहरे सामने आ सकते हैं. जांच जारी है. पुलिस ने इसे अब तक की सबसे सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी में से एक बताया है.

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