विज्ञापन
This Article is From Jan 16, 2026

विधानसभा में विधायकों के अधिकारों पर संग्राम, टीकाराम जूली ने विधानसभा अध्यक्ष देवनानी को लिखा पत्र

राजस्थान विधानसभा में सवाल पूछने की प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने नए बुलेटिन पर आपत्ति जताते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है.

विधानसभा में विधायकों के अधिकारों पर संग्राम, टीकाराम जूली ने विधानसभा अध्यक्ष देवनानी को लिखा पत्र
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली.

Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में प्रक्रिया नियमों की व्याख्या को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा सचिवालय द्वारा 7 और 9 जनवरी को जारी बुलेटिन पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि इन बुलेटिनों के जरिए विधायकों के सवाल पूछने के अधिकार सीमित किए जा रहे हैं जो सीधे तौर पर लोकतंत्र का अपमान है.

अध्यक्ष को लिखा पत्र

टीकाराम जूली ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को पत्र लिखकर इस मामले में गंभीर आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है तो उस पर पांच साल पुराना होने का तर्क देकर सवाल पूछने से नहीं रोका जा सकता. योजनाएं नियम और विभागीय जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध हैं फिर भी उनकी जानकारी मांगने पर रोक लगाना गलत है.

Latest and Breaking News on NDTV

जिला और प्रदेश स्तर के सवालों पर आपत्ति

जूली ने बुलेटिन के उस बिंदु पर भी सवाल उठाए जिसमें कहा गया है कि सदस्य यथासंभव केवल किसी विशेष क्षेत्र या तहसील तक की जानकारी ही मांगें. उनका कहना है कि विधायक पूरे प्रदेश का प्रतिनिधि होता है और उसे राज्य के किसी भी जिले तहसील या गांव से जुड़ा प्रश्न पूछने का अधिकार है.

नियमों का हवाला देकर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने जनवरी 2025 में जारी पुराने बुलेटिन का हवाला देते हुए कहा कि नियम 37(2) के तहत प्रश्नों की ग्राह्यता के लिए तय 25 शर्तों में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है. फिर यह रोक किस नियम के आधार पर लगाई जा रही है.

शून्यकाल और ध्यानाकर्षण पर भी सवाल

जूली ने शून्यकाल पर्ची स्थगन प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि यदि सदस्य तात्कालिक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाए और मंत्री जवाब ही न दें तो सदन में मुद्दा उठाने का औचित्य ही समाप्त हो जाता है. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर भी सदस्य को स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार है.

अध्यक्ष का जवाब

विवाद पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया कि बुलेटिन में कुछ भी नया नहीं है. ऐसे सर्कुलर पहले भी जारी होते रहे हैं. उन्होंने कहा कि संसद और अन्य विधानसभाओं में भी ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाती है और पहले बंद की गई पर्ची व्यवस्था को वर्तमान कार्यकाल में ही दोबारा शुरू किया गया है.

यह भी पढ़ें- फरार गैंगस्टर रोहित गोदारा को कोर्ट की आखिरी चेतावनी, 19 जनवरी तक पेश नहीं हुआ तो होगा एब्सेंटिया ट्रायल

पूरी स्टोरी पढ़ें

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com