CM Bhajanlal Sharma: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को सांगानेर स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कर्मचारी चयन बोर्ड (आरईएसबी) के पेपरलीक और ओएमआर शीट प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और पेपरलीक जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ उनकी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति बिल्कुल स्पष्ट है. उन्होंने कहा कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली हो, अपराध करने वाले को कानून के अनुसार सख्त सजा जरूर मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने विशेष ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को किसी विशेष सरकार, समय-काल या राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रियाओं में हुई किसी भी गड़बड़ी की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए निर्देश दिए हैं.
''एसओजी साक्ष्यों के आधार पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है''
उन्होंने कहा कि एसओजी ठोस साक्ष्यों के आधार पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है. कर्मचारी चयन बोर्ड में पकड़े गए लोगों ने वर्ष 2019 में कांग्रेस सरकार के दौरान यह फर्जीवाड़ा किया था. एक मामले में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पूर्व कांग्रेस सरकार को सूचना भी दी थी, लेकिन वे साढ़े चार साल तक मामले को दबाए बैठे रहे. आज वे नैतिकता का ढोंग कर रहे हैं.
''युवाओं के भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं''
भजनलाल शर्मा ने कहा कि एसओजी को कार्रवाई के निर्देश किसी विशेष सरकार, किसी विशेष समयकाल या किसी राजनीतिक उद्देश्य के तहत नहीं दिए गए हैं, बल्कि भर्तियों में जहां भी गड़बड़ी हुई है, उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी और भर्ती प्रक्रियाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
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