एनडीटीवी राजस्थान के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है. आज, 27 फरवरी को एक बड़ी खबर दौसा की है. वहां टिल्लू (प्रिंस) नाम के 4 साल के एक बच्चे की हत्या एक बहुत बड़ी घटना में बदल चुकी है. टिल्लू 6 साल पहले लापता हो गया था और अब पुलिस जांच में पता चला है कि आपसी रंजिश की वजह से बच्चे के चाचा और बुआ ने ही उसकी हत्या हत्या कर दी और उसके शव को एक ऐसी जगह छिपा दिया जहां एक्सप्रेसवे बन रहा था. आज इस जगह पर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन चुका है. अब पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पिछले कई दिनों से एक्सप्रेसवे और इसके आस-पास खुदाई करवा रही है. राजस्थान में आज के समय के इस सबसे बड़े तलाशी अभियान के पल-पल के अपडेट को हम आप तक इस विशेष लाइव पन्ने पर पहुंचाएंगे. तो जुड़े रहें इस विशेष लाइव पेज पर.
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GPR मशीन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तीन स्थानों को किया गया चिह्नित
प्रिंस उर्फ टिल्लू की हत्या मामले बांदीकुई पुलिस की जांच तेज कर दी है. जयपुर से आए GPR मशीन ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर तीन जगहों को चिह्नित किया है, जिसमें दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे की रैंलिंग पर निशान लगाए हैं. हालांकि जीपीआर मशीन ने की जांच रिपोर्ट आना बाकी है. GPR मशीन ऑपरेटर अजीत सिंह बोले तीन जगह को चिन्हित किया गया है. जिसमें 2 से 3 मीटर पर निशाना लगाए हैं. मशीन ने संकेत दिए हैं लेकिन बोल्डर के रूप में ऑब्जेक्ट आ रहा है. रिपोर्ट के आने के बाद मामला साफ होगा.
आज भी नहीं चल सका प्रिंस का पता, स्कैन मशीन हुई बंद, टीम वापस लौटी
GPR मशीन की बैटरी लो होने के कारण स्कैन का काम बंद हो गया है जिसके बाद तीन सदस्यों की टीम मौके से वापस जयपुर लौट गई है.

GPR मशीन की बैटरी लो हुई, स्कैन का काम रुका
GPR मशीन की बैटरी लो होने के कारण स्कैन का काम बंद हो गया है. जयपुर से टेलिओस कंसल्टिंग एंड कंस्ट्रक्शन्स नामक कंपनी की GPR टीम पहुंची दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे हाईवे पर पहुंची थी. टीम ने सुबह 10:15 मिनिट स्कैन शुरू किया था और करीब दोपहर 1बजकर 50 मिनट तक स्कैन करने का काम किया.
एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से की होगी खुदाई
पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से जो अहम सुराग मिले हैं, उसके आधार पर शव का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. थानाधिकारी जहीर अब्बास समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. एक्सप्रेसवे के के कुछ हिस्से में खुदाई होगी.

स्पेशल GPR स्कैनर से की जा रही है खोज
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खास GPR स्कैनर से उन जगहों को चिह्नित करने की कोशिश की जा रही है जहां प्रिंस का शव दफन हो सकता है.

पुलिस ने तेज की जांच
इस पूरे मामले में ग्राउंड जीरो पर एनडीटीवी की टीम पहुंची. जमीन को स्कैन कर रहे एक्सपर्ट्स और जांच में जुटे पुलिसकर्मियों से एनडीटीवी संवाददाता ने बातचीत की. इस मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है.
पुलिसकर्मी ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर जमीन स्कैन की जा रही है और उसके आधार पर डेटा एनालिसिस किया जाएगा.
ढाई घंटे में मशीन का 1 किमी का राउंड पूरा
NHAI के निर्देश पर जयपुर से टेलिओस कंसल्टिंग एंड कंस्ट्रक्शन्स नामक कंपनी की GPR टीम मौके पर पहुंची. तीन सदस्यीय दल एक्सप्रेसवे की जमीन को स्कैन कर रहे हैं. जयपुर से टेलिओस कंसल्टिंग एंड कंस्ट्रक्शन्स नामक कंपनी की एक GPR टीम स्कैन करने एक्सप्रेसवे पर पहुंची है.
ऑपरेटर वीरेंद्र सिंह राठौड़, अजीत सिंह शेखावत, और शंकर सिंह राठौड़ की तीन सदस्यीय GPR टीम स्कैन का काम देख रही है.
ऑपरेटर अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि मशीन ने 2 जगहों को चिह्नित किया है. अब तक करीब ढाई घंटे में मशीन करीब 1 किलोमीटर का राउंड कर चुकी है.

पुलिस के सामने चुनौती- शव के बिना जांच आगे कैसे बढ़ेगी?
भले ही आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया है, लेकिन पुलिस के सामने अभी भी चुनौती बरकरार है. लीगल एक्सपर्ट के मुताबिक, हत्या के ऐसे मामले में शव और हत्या के हथियार का मिलना बहुत आवश्यक है. केवल आरोपियों का कबूलनामे के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती है.
आरोपी कृष्णा की 3 महीने की बेटी बीमार
टिल्लू मर्डर केस में गिरफ्तार आरोपी कृष्णा की बेटी तबीयत बिगड़ गई. करीब 3 महीने की बेटी का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद पुलिस उसे प्राइवेट हॉस्पिटल में लेकर पहुंची. सिकंदरा रोड स्थित अस्पताल में बेटी को लाया गया है.
एक्सप्रेसवे का सर्वे फुटेज खंगाल रही पुलिस
बांदीकुई पुलिस ने साल 2020 के दौरान हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के सर्वे का सीसीटीवी फुटेज भी खंगालना शुरू कर दिया है. कुछ ही देर में GPR मशीन से पुलिस जमीन का स्कैन करवाएगी. बांदीकुई थानाधिकारी जहीर अब्बास, ASI रामचरण, सीआई (रीडर) महेंद्र गुर्जर समेत कई लोग टीम में मौजूद हैं.

जानिए क्या है पूरा मामला - दृश्यम फिल्म से की जा रही तुलना
दौसा में 4 साल के बच्चे प्रिंस (टिल्लू) की खोज की तुलना दृश्यम फिल्म से की जा रही है. दौसा में 16 अगस्त 2020 को बांदीकुई थाना क्षेत्र के ऊनबड़ा गांव की रामदेवा ढाणी में प्रिंस अपने घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था. अब 6 साल बाद पता चला कि उस बच्चे की उसके ही करीबियों ने आपसी रंजिश में हत्या कर दी थी और उस जगह दफना दिया जहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे बन रहा था. क्या है पूरा मामला इसे आप विस्तार से इन लिंक्स पर पढ़ सकते हैं - जिस 'टिल्लू' के लिए 6 साल तक रोए माता-पिता, पड़ोसी ही निकला उसका कातिल; दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के नीचे दफन है मासूम!
दादी मायूस, मां बोली- मुझे बच्चे का शव चाहिए
प्रिंस की दादी मायूस चुपचाप आंगन में बैठी है. कुछ बोल नहीं पाती, बस एक टक नम आंखों से दरवाजे को देखती रहती है. टिल्लू की मां का कहना है कि मुझे मेरे बच्चे का शव चाहिए. पुलिस उसे ढूंढ कर लाए. अनिल और कृष्णा दोनों बच्चे घर आते थे. कभी-कभी खाना भी खा लेते थे.
बड़ी बहन का रो-रोकर बुरा हाल
टिल्लू की सबसे बड़ी बहन अर्चना का रो-रोकर बुरा हाल है. उसने बताया कि वह अपने भाई को ढूंढने सब जगह गई. अनिल (आरोपी) तो टिल्लू को मोटरसाइकिल पर घुमाता था. ऐसा करेगा, पता नहीं था. मेरा भाई चला गया. भाई समर ने बताया कि वो बहुत शरारत करता था, उसकी बड़ी याद आती है. मेरे पास चीजों को खराब करके लाता था. मुझसे खिलौने ठीक करने कहता था.
एक्सप्रेसवे से जुड़े सर्वे वीडियो को भी खंगाल रही पुलिस
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के दौरान साल 2020 के सर्वे के वीडियो को भी पुलिस खंगालेगी. बताया जा रहा है कि यह वीडियो पुलिस की जांच में कारगर सिद्ध हो सकता है.
जीपीआर मशीन का होगा इस्तेमाल
शव को ढूंढने के लिए जीपीआर मशीन इस्तेमाल की जाएगी. फिर जेसीबी से खुदाई शुरू होगी. जीपीआर मशीन का 1 घंटे का किराया करीब 12 हजार 500 रूपए है. पुलिस ने फिलहाल 2 घंटे का किराया जमा करवा दिया है.
टिल्लू मर्डर केसः 6 साल पहले चाचा-बुआ ने की थी हत्या
16 अगस्त 2020 को बांदीकुई थाना क्षेत्र के ऊनबड़ा गांव की रामदेवा ढाणी में प्रिंस (टिल्लू) अपने घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था. अब 6 साल बाद उसकी हत्या की बात सामने आई. बच्चे की हत्या उसके चाचा और बुआ ने ही की थी और उसकी हत्या करके शव को निर्माणाधीन हाईवे के पास गाड़ दिया. आरोपियों ने जुर्म कबूल तो किया, लेकिन शव की तलाश जारी है.