Rajasthan News: पूर्व चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ रविवार को जोधपुर दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद के दिए गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस में कभी आंतरिक लोकतंत्र रहा ही नहीं. देर आए दुरुस्त आए शकील अहमद जी को अब मालूम पड़ा. शकील अहमद की गांधी परिवार से नजदीकियां को पूरा देश जानता है. यह एक परिवार के ड्रीम्स पर चलने वाली लोकतांत्रिक पार्टी बन गई. इसलिए कांग्रेस में इस प्रकार के निर्णय करने की क्षमता सीडब्लूसी को नहीं, दूसरे किसी को नहीं, सिर्फ मात्र एक मां-बेटा और बेटी को है.
दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद द्वारा कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र को लेकर उठाए सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह मैं कह सकता हूं, उनकी बातों में निश्चित तौर पर दम है. जो वर्षों तक कांग्रेस के साथ रहे और इन्हीं का वोट बैंक कांग्रेस को पोषित करने का काम किया. अब अकलियत और अल्पसंख्यक के नेता कांग्रेस से मोह को तोड़ रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है, जहां नेता दिग्भ्रमित हो, नेता खुद अपनी राजनीति से डरकर दो कदम आगे, दो कदम पीछे हटे.
इस प्रकार के नेतृत्व में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन हो नहीं सकता. अब भारतीय जनता पार्टी के लगातार विजय रथ को लोगों ने स्वीकृति दे दी है. इसीलिए जब जहाज डूबता है तो सबसे पहले कमजोर लोग दौड़ते हैं. इसी प्रकार के ज्ञान इस प्रकार का परिणाम आता है. यूजीसी में नियम बदलाव को लेकर राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यूजीसी में कोई इस प्रकार की नई बात नहीं है. कानून जो पहले है एट्रोसिटी को लेकर इस कानून को रिराइट किया गया है, यह भ्रम भी जल्दी दूर हो जाएगा.
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