Rajasthan News: SI भर्ती 2021 पेपरलीक मामले में हाइकोर्ट में बहस पूरी हो गई. हाईकोर्ट द्वारा मांगे जाने पर सरकार की ओर से सीलबंद लिफाफे में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की गई. सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पर याचिकाकर्ता की आपत्ति पर कोर्ट ने सवाल किया कि गोपनीय रिपोर्ट कैसे लीक हुई. हालांकि, हाईकोर्ट के सवाल का एसओजी जवाब नहीं दे सकी. इस पर कोर्ट की तल्ख टिप्पणी देखने को मिली.
जवाब नहीं दे पाए SOG के अधिकारी
दरअसल, SI भर्ती 2021 पेपरलीक मामले में बहस पूरी होने के बाद हाइकोर्ट ने सरकार से मामले में नवीनतम तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी. इस पर जब एजी की ओर से सीलबंद लिफाफे में तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश की गई तो याचिकाकर्ता की ओर से आपत्ति जताई गई. एडवोकेट हरेंद्र नील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सीलबंद रिपोर्ट देना सही नहीं है. उन्हें इसकी कॉपी दी जाए.
इस पर कोर्ट ने पूछा कि पहले वाली गोपनीय रिपोर्ट याचिकाकर्ताओं के पास कैसे पहुंची? कोर्ट ने यह सवाल एसओजी से भी पूछा तो एसओजी के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए. एडीजी विशाल बंसल ने माना कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है. इस पर कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि आपका ऑफिस कॉम्प्रोमाइज है. कल हमें जानकारी मिली कि आपके ऑफिस में काम करने वाला व्यक्ति याचिकाकर्ता भी है.
2 फरवरी को विस्तृत रिपोर्ट के साथ तलब
कोर्ट ने एसओजी के एडीजी विशाल बंसल को 2 फरवरी को विस्तृत रिपोर्ट के साथ तलब किया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन्होंने भी गैर कानूनी तरीके से गोपनीय कागज उपलब्ध कराए हैं. उन पर भी कार्रवाई करेंगे. बता दें कि एसआई भर्ती पेपरलीक मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त को एसआई भर्ती को रद्द किया था.
इस फैसले को चयनित अभ्यर्थियों ने डबल बेंच में चुनौती दी थी. खंडपीठ ने फैसले पर रोक लगा दी थी. हालांकि बाद में अन्य अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट गए. सुप्रीम कोर्ट ने एकलपीठ के फैसले को बहाल करते हुए खंडपीठ को तीन माह के भीतर सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद सरकार की ओर से भी एकलपीठ के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की गई है. अब इन सभी याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने लगातार सुनवाई करते हुए बहस पूरी की. अब कोर्ट इस पर जल्द ही फैसला लेगी.
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