आदर्श नगर से कांग्रेस विधायक और सचेतक रफीक़ ख़ान ने SIR के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रफीक़ ख़ान ने कहा कि बीजेपी के लोग पहले अपनी इच्छा से मतदाताओं के नाम नहीं कटवा सके, लेकिन अब एक विशेष अभियान चलाकर मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में योजनाबद्ध तरीके से लोगों के नाम हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे मतदाता सूची में गड़बड़ी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है.
रफीक़ ख़ान ने दावा किया कि जिन इलाक़ों में बीजेपी के लोग जीवन में कभी गए तक नहीं, उन क्षेत्रों के मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए आवेदन कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, क्योंकि जिन क्षेत्रों की जानकारी तक संबंधित लोगों को नहीं है, वहां के मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में दखल देना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है. रफीक़ ख़ान ने आरोप लगाया कि एक BLA द्वारा 100 से 600 तक मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फॉर्म जमा कराए गए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करता है कि बड़े पैमाने पर नाम कटवाने का अभियान चलाया जा रहा है.
कांग्रेस पार्षद का नाम कटवाने के लिए आवेदन
कांग्रेस विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पार्षद अकबर ख़ान का नाम कटवाने का आवेदन दे दिया है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल आम मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विपक्ष के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों को भी निशाना बनाया जा रहा है. रफीक़ ख़ान ने आरोप लगाया कि महावत बिरादरी के मुखिया का नाम भी कटवाने की कोशिश की जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सामाजिक वर्गों को भी इस प्रक्रिया में टारगेट किया जा रहा है.
रफीक़ ख़ान ने फर्जी कागज़ात और फर्जी हस्ताक्षर के ज़रिए आवेदन देने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की है और कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
बीजेपी के BLA ने किया इंकार
अपनी बात रखने के दौरान रफीक़ ख़ान बीजेपी के BLA नईमुद्दीन और साबिर अली को भी साथ लेकर आए. दोनों BLA ने मीडिया के सामने कहा कि उन्होंने नाम कटवाने के लिए कोई फॉर्म नहीं भरा, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति ने उनके नाम से साइन करके फॉर्म जमा कर दिए. उन्होंने दावा किया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया में उन्हें फंसाने की कोशिश की गई है. इस दौरान रफीक़ ख़ान ने कहा कि गलत तरीके से SIR में नाम कटवाने के लिए आवेदन दिए जा रहे हैं और BLA के फर्जी साइन से फॉर्म भरने वालों पर FIR दर्ज होनी चाहिए.
''ज़रूरत पड़ी तो हम निर्वाचन आयोग के खिलाफ कोर्ट भी जाएंगे''
रफीक़ ख़ान ने निर्वाचन आयोग पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सामने आने के बावजूद यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती है, तो यह निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है. रफीक़ ख़ान ने चेतावनी देते हुए कहा कि “ज़रूरत पड़ी तो हम निर्वाचन आयोग के खिलाफ कोर्ट भी जाएंगे.” उन्होंने निर्वाचन आयोग पर पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस कानूनी रास्ता अपनाएगी और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी.