प्रदेश के UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा आज एक दिवसीय दौरे पर नागौर पहुंचे. इस दौरान सर्किट हाउस में उन्होंने नागौर नगर परिषद में हुए भ्रष्टाचार को लेकर खुलकर बात की. मंत्री ने कहा कि नगर परिषद का पाँच साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन इस दौरान जिस तरह की कार्यप्रणाली रही, उसने शहर के विकास को भारी नुकसान पहुँचाया है.
इस अवसर पर मंत्री खर्रा ने स्थानीय जनता को उनके लोकतांत्रिक कर्तव्यों की याद दिलाते हुए कहा कि आज परिषद की जो दुर्दशा है, उसके लिए कहीं न कहीं मतदाता भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने ही इन प्रतिनिधियों का चयन किया था. मंत्री ने भविष्य के लिए सचेत करते हुए कहा कि यदि सुधार चाहिए, तो आगामी चुनावों में सही और योग्य उम्मीदवार का चयन करना अनिवार्य होगा.
पूर्व बोर्ड बैठक के सभी निर्णय निरस्त
नगर परिषद के पिछले बोर्ड की बैठक में हुए निर्णयों पर बड़ी कार्रवाई की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि संसाधनों की गलत तरीके से की गई बंदरबांट को सरकार के निर्देश पर स्वायत्त शासन निदेशालय ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है.
इसके साथ ही सरकारी संपत्तियों पर भू-माफियाओं की नजर को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान आवासन मंडल की जमीन पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण और तारबंदी करने का प्रयास किया गया था, जिसे प्रशासन ने समय रहते मुक्त करवा लिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
पट्टों के आवंटन में हुई धांधली
पट्टों के आवंटन में हुई धांधली पर मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि गलत तरीके से जारी किए गए पट्टों की फिलहाल गहन जांच चल रही है. उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच पूरी होते ही न केवल इन अवैध पट्टों को निरस्त किया जाएगा, बल्कि इस जालसाजी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.
वर्तमान में हो रहे पंजीकरणों (रजिस्ट्रियों) को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार को इनसे राजस्व तो मिल रहा है, लेकिन इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि उन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त हो गई है.
“लाल किले से लेकर ताजमहल तक की फर्जी रजिस्ट्रियाँ हो चुकी हैं”
मंत्री खर्रा ने तंज कसते हुए उदाहरण दिया कि देश में लाल किले से लेकर ताजमहल तक की फर्जी रजिस्ट्रियाँ हो चुकी हैं, लेकिन उनका कोई कानूनी आधार नहीं होता. उन्होंने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा कि हमारी प्रणाली का मूल सिद्धांत यह है कि किसी निर्दोष को सजा न मिले और कोई दोषी बच न सके. अंत में उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, सभी अवैध पट्टे रद्द किए जाएंगे और दोषियों को उनके किए की सजा अवश्य मिलेगी.