Health News: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों की देखभाल सबसे ज्यादा नजरअंदाज की जा रही है. केमिकल शैंपू और हेयर प्रोडक्ट्स बालों को अस्थायी चमक तो देते हैं लेकिन लंबे समय में नुकसान भी पहुंचाते हैं. ऐसे में चावल का पानी एक सरल और प्राकृतिक उपाय बनकर सामने आया है.
आयुर्वेद में चावल के पानी का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार चावल का पानी शीतल स्वभाव का होता है. यह सिर की त्वचा को ठंडक देता है और जलन कम करता है. नियमित इस्तेमाल से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और झड़ने की समस्या में धीरे धीरे सुधार आता है.
विज्ञान क्या कहता है
वैज्ञानिक दृष्टि से चावल के पानी में अमीनो एसिड विटामिन बी विटामिन ई और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये तत्व बालों की संरचना को मजबूत करते हैं और टूटने की समस्या को कम करते हैं.
प्राकृतिक क्लींजर की तरह काम
चावल धोने या भिगोने से निकला पानी बालों के लिए हल्के क्लींजर का काम करता है. यह सिर की त्वचा पर जमी गंदगी को साफ करता है और बालों की नमी को बनाए रखता है जिससे रूखापन कम होता है.
मालिश से बढ़े पोषण
अगर चावल के पानी से हल्के हाथों से सिर की मालिश की जाए तो रक्त संचार बेहतर होता है. इससे बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचता है और नई ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है. आयुर्वेद इसे वात और पित्त संतुलन से जोड़ता है.
गहराई से नमी देने में सहायक
चावल का पानी कुछ समय तक सिर पर लगाने से बालों में नमी बनी रहती है. इससे बाल रूखे नहीं होते और प्राकृतिक चमक लौटने लगती है.
शैंपू के बाद चावल के पानी से बाल धोने पर वे ज्यादा मुलायम और सुलझे रहते हैं. इससे कंघी करना आसान हो जाता है और बाल टूटते नहीं हैं.
कैसे करें इस्तेमाल
चावल धोकर उसका पानी अलग रखें या चावल को कुछ घंटे भिगोकर रखें. इसी पानी से सिर धोएं या मालिश करें. नियमित प्रयोग से कुछ ही समय में फर्क दिखने लगता है.