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अलवर में रोड रेज या रंजिश? मां का इलाज चल रहा था, और बेटा ट्रॉमा सेंटर में पीटा जा रहा था; 6 गिरफ्तार

अलवर में सड़क हादसे के बाद विवाद जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर तक पहुंच गया. 8-10 युवकों ने एक युवक को पीटा. पढ़ें, जैन मंदिर के पास कथित मारपीट और सड़क दुर्घटना के इस गंभीर मामले पर पुलिस की पूरी कार्रवाई.

अलवर में रोड रेज या रंजिश? मां का इलाज चल रहा था, और बेटा ट्रॉमा सेंटर में पीटा जा रहा था; 6 गिरफ्तार
अलवर जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में दो पक्ष आपस में भिड़े.
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के अलवर (Alwar) शहर में शुक्रवार देर शाम एक मामूली सड़क हादसा एक गंभीर विवाद में तब्दील हो गया, जिसने जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड (District Hospital Trauma Center) तक हंगामा खड़ा कर दिया. विवाद इतना बढ़ा कि अस्पताल परिसर में ही 8 से 10 युवकों ने एक व्यक्ति को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया. 

कैसे शुरू हुआ विवाद?

यह पूरा मामला अलवर शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के जेल चौराहे के पास शुरू हुआ. देर शाम एक कार ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी. स्कूटी पर मां और बेटा सवार थे. इस टक्कर में स्कूटी सवार युवक मोनू योगी की मां गंभीर रूप से घायल हो गईं. उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनके सिर में आई चोटों का इलाज शुरू किया गया. यह एक सीधा-सा सड़क दुर्घटना का मामला था, लेकिन इसके तुरंत बाद की घटनाओं ने इसे एक नया और हिंसक मोड़ दे दिया.

ट्रॉमा सेंटर में क्यों हुई मार-पीट?

घायल मां को अस्पताल लाने के कुछ ही समय बाद, दूसरे पक्ष के कुछ लोग भी जिला अस्पताल पहुंचे. यहीं से विवाद की प्रकृति बदल गई. दूसरे पक्ष ने सड़क दुर्घटना की बात को दरकिनार करते हुए, स्कूटी सवारों पर गंभीर आरोप लगाए. दूसरे पक्ष का दावा है कि दुर्घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि स्कूटी सवारों ने जैन मंदिर के पास उनकी गाड़ी को जबरन रुकवाया और अपने कुछ साथियों को बुलाकर उनके भाई के साथ मारपीट की. यानी, उनका आरोप है कि यह पहले से चली आ रही किसी रंजिश या विवाद का नतीजा था, जिसे सड़क हादसे का रूप दिया गया.

यह तनाव जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड तक पहुंच गया. चश्मदीदों के मुताबिक, 8 से 10 युवकों का एक समूह एक युवक (भारत) को बुरी तरह पीट रहा था, और उसे मारते-मारते वे अस्पताल के अंदर तक खींच ले गए.

पुलिस का दखल और शांतिभंग की कार्रवाई

अस्पताल में मौजूद एक पुलिसकर्मी ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की. घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस की टीम भी मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को शांत कराया गया. पुलिस ने इस सार्वजनिक उपद्रव और अस्पताल में हंगामे को गंभीरता से लिया है. कोतवाली थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 6 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है.

दोनों पक्षों के गंभीर आरोप

पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं. दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप जड़ रहे हैं, जिससे मामले की तह तक पहुंचना पुलिस के लिए एक चुनौती बन गया है. कोतवाली थाना पुलिस ने कहा है कि वह सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है. शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है. हम अस्पताल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल के गवाहों के बयानों के आधार पर जल्द ही तथ्यों को स्पष्ट करेंगे.'

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