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This Article is From Apr 10, 2026

सलूंबर: पहले उल्टी-दस्त, फिर शरीर अकड़ा और मौत… 5 बच्चों की रहस्यमय मौत से मचा हड़कंप; 4 फर्जी क्लिनिक सील

राजस्थान के सलूंबर जिले में बच्चों की रहस्यमय मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. चार फर्जी क्लिनिक सील किए गए हैं. गांवों में सर्वे, इलाज और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है.

सलूंबर: पहले उल्टी-दस्त, फिर शरीर अकड़ा और मौत… 5 बच्चों की रहस्यमय मौत से मचा हड़कंप; 4 फर्जी क्लिनिक सील
राजस्थान के सलूंबर जिले में बच्चों की रहस्यमय मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है.

Rajasthan News: राजस्थान के सलूंबर जिले में एक के बाद एक पांच बच्चों की रहस्यमय मौत ने पूरे इलाके को चिंता में डाल दिया है. बच्चों में पहले उल्टी और दस्त के लक्षण दिखे, इसके बाद शरीर में अकड़न आई और उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. 

मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने तुरंत एक्शन लिया और चार फर्जी क्लिनिक को सील कर दिया. इनमें से तीन क्लिनिक लसाड़िया कस्बे के आसपास चल रहे थे, जहां मौत की घटनाएं सामने आईं. एक अन्य क्लिनिक आंजणी इलाके में संचालित हो रहा था.

झोलाछाप डॉक्टर मौके से फरार

जैसे ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच के लिए पहुंचीं, फर्जी क्लिनिक चलाने वाले झोलाछाप डॉक्टर मौके से फरार हो गए. टीमों ने क्लिनिक को सील कर वहां नोटिस चस्पा कर दिया. विभाग का कहना है कि ये लोग बिना जांच के ही मरीजों को हाई डोज दवाएं दे देते हैं, जिससे हालत और बिगड़ सकती है.

सरकारी अस्पताल छोड़ फर्जी इलाज का खतरा

सीएमएचओ ने बताया कि इलाके में झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क काफी फैल चुका है. कई लोग सरकारी अस्पतालों की बजाय इन फर्जी क्लिनिक में इलाज कराते हैं, जो उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है. विभाग ने साफ किया है कि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

गांवों में व्यापक सर्वे और इलाज अभियान

घटना के बाद सरकार ने गांव में मेडिकल टीम और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया है. उदयपुर संभाग में करीब 3690 टीमों ने 52 हजार से ज्यादा घरों का सर्वे किया है. इस दौरान 275 लक्षण वाले मरीज चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 25 गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है.

मच्छरजनित बीमारियों पर भी फोकस

स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरजनित बीमारियों को रोकने के लिए भी बड़े स्तर पर काम शुरू किया है. 2557 स्थानों पर एंटी लार्वल गतिविधियां की गई हैं. साथ ही 1796 ब्लड स्लाइड और 94 सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं, ताकि बीमारी के कारण का पता लगाया जा सके.

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