Sanwaliya Seth Temple: राजस्थान के खास कृष्णधामों में से एक श्री सांवलिया जी मंदिर में करीब डेढ़ महीने बाद चतुर्दशी की सुबह राजभोग आरती के तुरंत बाद मंदिर का भंडार खोला गया. राजभोग आरती के बाद विधिवत चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया शुरू की गई. इसी के चलते दानपात्रों को खोला गया और नकद राशि की गिनती शुरू की गई. पहले दिन की काउंटिंग में 10 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि सामने आई. बताया जा रहा है कि गिनती का कार्य मशीन और हाथ, दोनों माध्यमों से किया गया, जो शाम तक जारी रहा.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के गिनती
सांवलिया सेठ मंदिर भंडार खोलने और काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई. सुबह से ही मंदिर परिसर चढ़ावे की गिनती के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे. जिसके लिए मंदिर का दानपात्र मन्दिर मण्डल सीईओ, मन्दिर मण्डल अध्यक्ष समेत अधिकारी व सदस्यों की मौजूदगी में खोला गया. जिसमें से सबसे पहले नोटों के बंडल निकाले गए. व्यवस्थित तरीके से उनकी गणना की गई.
दूसरा चरण 5 मार्च से शुरू होगा
मंदिर प्रशासन के अनुसार काउंटिंग का दूसरा चरण 5 मार्च को किया जाएगा. क्योंकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक का प्रभाव रहने के कारण उस दिन गिनती का कार्य नहीं होगा. इसके अलावा 4 मार्च (बुधवार ) को मंदिर में फूलडोल महोत्सव मनाया जाएगा. इसके कारण काउंटिंग को स्थगित रखा गया है.
कौन हैं सावलियां सेठ
चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है. इन्हें भगवान कृष्ण का ही एक रूप माना जाता है और प्यार से लोग इन्हें "सांवलिया सरकार" भी कहते हैं. व्यापार में तरक्की के लिए भक्त इन्हें अपना बिजनेस पार्टनर भी बनाते है.