अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध कटाई रोकने पहुंची वन कर्मियों की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया. अकबरपुर रेंज में करीब 6 वनकर्मी घायल हो गए और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की. वन विभाग के लिए चिंता की बात यह भी है कि इसी इलाके में बाघिन एसटी-22 और उसके शावकों का मूवमेंट है. जिन लोगों ने हमला किया है, वहां यह अवैध रूप से रह रहे हैं. शनिवार (18 जनवरी) रात करीब 10:30 बजे काली खोल गांव में पेड़ों की अवैध कटाई की सूचना मिली. इसे रोकने के लिए सरिस्का कि टीम पर मौके पर पहुंची. तभी करीब 100 से ज्यादा लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर पथराव भी किया.
वनकर्मी पिटते रहे, पुलिस बनी मूकदर्शक
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद वनकर्मियों की पिटाई हुई. पुलिस जाब्ता साथ होने के बाद भी इस घटना में वनकर्मियों का बचाव नहीं किया गया. हालांकि टीम के सदस्यों ने किसी तरह बचकर जान बचाई. इस मामले की सूचना संबंधित थाने में दी गई है. उसके बाद रात में जब टीम दोबारा पहुंची तो धोक की लकड़ियों से भरा ट्रैक्टर मिला. इसे जब्त करते समय ग्रामीणों ने घेर लिया और यह हमला किया.
2 गाड़ियों के शीशे तोड़े
सूचना के बाद वन अधिकारी अंकुश जिंदल सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. अकबरपुर रेंजर राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी दो गाड़ियों के ग्रामीणों ने शीशे तोड़ दिए. इस घटना में वनकर्मी रामवीर गुर्जर, सहायक वनपाल देवेंद्र मीणा, राजपाल सिंह, विश्राम मीणा, हीरा सिंह, अंकित गुप्ता और सत्यभान चौधरी घायल हुए हैं.
ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन भी लिए
चौंकाने वाली बात यह है कि वन विभाग की इस जमीन पर अवैध रूप से बिजली कनेक्शन भी लिए हुए हैं. इस संबंध में रेंजर राजेंद्र शर्मा द्वारा अकबरपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है. जानकारी के अनुसार, सर्दी के दिनों में सरिस्का बाघ अभ्यारण्य में बसे गांवो के आसपास जंगल में अवैध कटाई होती है. इसकी रोकथाम के लिए वन विभाग की टीम भी गश्त करती है.
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