
Rajasthan News: भाजपा से निलंबित पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने पार्टी से बाहर किए जाने के बाद बड़ा बयान देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत पर सीधा हमला बोला. आहूजा ने कहा कि गहलोत ने 15 साल और वसुंधरा राजे ने 10 साल तक शासन किया, लेकिन किसी ने भी जर्जर स्कूल भवनों के विकास के लिए एक पैसा नहीं दिया. उन्होंने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को दोषी ठहराते हुए कहा कि पूरे जर्जर स्कूल भवनों की जांच होनी चाहिए और यदि सजा होनी है तो यह दोनों नेताओं को मिलनी चाहिए.
'भजनलाल और मदन दिलावर दोषी नहीं'
आहूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को इस मामले में दोषी नहीं माना जा सकता. ज्ञानदेव आहूजा ने अपने बयान में कहा कि उनका न कोई पेट्रोल पंप है, न गैस एजेंसी, न ही कोई जमीन-जायदाद. वहीं आजकल एक बार विधायक बनने पर नेता जमीन, मकान, दुकान, लग्जरी गाड़ियां, माइंस और क्रशर तक बना लेते हैं.

पीएम मोदी की आहूजा ने की तारीफ
आहूजा ने कहा कि वे ऐसे बेईमान विधायकों के खिलाफ हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईमानदारी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी को भ्रष्टाचार पसंद नहीं है, लेकिन चोरी करने वाले सारे नेता मिलकर मोदी का विरोध कर रहे हैं. आहूजा ने यह भी कहा कि इस बयान के बाद उनका विरोध होना तय है, लेकिन वे सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगे.
एसआई भर्ती पर क्या बोले ज्ञानदेव आहूजा
आहूजा ने एसआई भर्ती रद्द मामले पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह भर्ती रद्द होनी ही थी, क्योंकि अशोक गहलोत ने पैसे लेकर आरपीएससी में सदस्य नियुक्त किए और उन्होंने अपने बेटे-बेटियों को एसआई बनवाने के लिए भ्रष्टाचार किया. इस कारण कई प्रतिभाशाली युवाओं के सपनों पर पानी फिर गया. आहूजा ने कहा कि अब योग्य उम्मीदवार ही कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर बनेंगे. उन्होंने न्यायपालिका के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इससे ईमानदार और मेहनती अभ्यर्थियों को न्याय मिला है.
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