
Jeen mata Mandir: सीकर जिले के शक्तिपीठ जीणमाता मेले के पांचवें दिन बत्तीसी संघ और मंदिर पुजारी के बीच विवाद बढ़ने का मामला सामने आया है. बीती रात गुरुवार को बतीसी संघ के लोगों और मंदिर पुजारी के बीच बढ़ते विवाद को सुलझाने पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों के साथ मंदिर ट्रस्ट के पुजारियों ने धक्का-मुक्की की, जिसके बाद मामला बढ़ गया.
क्या है बत्तीसी संघ
बतीसी संघ बाघोली, पचलंगी, पापड़ा, नीमकाथाना, नयाबास, राणासर जोधपुरा,जीणमाता समेत 32 गांवों के लोगों से मिलकर बना एक संघ है. यह लोग खुद को मां जीण भवानी का वंशज मानते हैं. बत्तीसी संघ के लोग मानते हैं कि जीणमाता मंदिर पर उनका पहला हक है.
चैत्र नवरात्रि में माता को करते है निशान अर्पित
जानकारी के अनुसार नीम का थाना के बत्तीस गांवों का एक संघ चैत्र नवरात्रि के छठे दिन जीणमाताजी मंदिर पर अपना निशान चढ़ाता है तथा जीण माता के मंदिर में मत्था टेकता है. जिसमें नीम का थाना के बत्तीस गांवों से होते हुए जीणमाता पहुंचने पर एक बैठक का आयोजन किया जाता है, जिसमें प्रशासन व मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी भी मौजूद रहते हैं.
दर्शन को लेकर बत्तीसी संघ और पुजारियों बढ़ा था विवाद
गुरुवार को संघ की ओर से आयोजित बैठक में दातारामगढ़ उपखंड अधिकारी मोनिका सामोर और मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद थे. इनमें सहमति बनी थी कि बत्तीसी संघ के भ्रमण के दौरान मंदिर ट्रस्ट के तीन पुजारी मौजूद रहेंगे। जब बत्तीसी संघ दर्शन के लिए आया तो मंदिर ट्रस्ट के तय संख्या से तीन लोग अधिक वहां मौजूद थे. उन्हें हटाने के लिए कहा गया लेकिन ट्रस्ट के पुजारी प्रशासन की बात नहीं मानने पर अड़े रहे. जिस पर दोनों के बीच बहस बढ़ गई.
पुजारियों को रोका तो प्रशासन से ही जा भिड़े
इस बीच प्रशासन ने मंदिर ट्रस्ट के पुजारियों को बीती रात हुए समझौते की याद दिलाई. मामला शांत होता इससे पहले ही बत्तीसी संघ के लोग भी मंदिर में दर्शन करने पहुंच गए.इस दौरान संघ के लोगों ने मंदिर से अतिरिक्त पुजारियों को हटाने को भी कहा. इस पर पुजारियों ने उनका विरोध शुरू कर दिया. जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गया और जब प्रशासन ने विवाद को रोकने के लिए मध्यस्थता करने की कोशिश की तो मंदिर ट्रस्टियों ने प्रशासन के साथ मारपीट शुरू कर दी. जिस पर प्रशासन और पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए मंदिर ट्रस्ट के लोगों को हिरासत में ले लिया.
मंदिर के पदाधिकारी ने 3 घंटे तक किए कपाट बंद
पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज मंदिर पदाधिकारियों ने दर्शन के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए. विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने ट्रस्ट कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी. इस पर बत्तीसी संघ के लोग मंदिर के बाहर धरने पर बैठ गए. फिर दातारामगढ़ उपखंड अधिकारी मोनिका समोर ने संघ के लोगों से वार्ता की, जिसके बाद संघ ने विवाद न करने पर सहमति जताई.
सीकर कलेक्टर की समझाइश के बाद मामला हुआ शांत
इस विवाद की जानकारी जब सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा और सीकर पुलिस अधीक्षक भवन भूषण यादव को हुई तो दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और हिरासत में लिए गए मंदिर ट्रस्ट के पुजारी को छुड़ाया. सीसीटीवी कैमरे के आधार पर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. जिसके बाद 3 घंटे बंद रहने के बाद मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए. पंचमी तिथि के बाद जीण माता मंदिर के पट 24 घंटे दर्शनार्थियों के लिए खुले रहते हैं. पट बंद रहने के कारण दर्शनार्थियों को 3 घंटे तक काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.