631-feet-high Statue of Shriji Hanuman: राजसमंद स्थित वल्लभ संप्रदाय की प्रधान पीठ नाथद्वारा अब नया चार धाम बनने जा रहा है. नाथद्वारा में जन-जन की आस्था के केंद्र श्रीनाथजी मंदिर में 179 फीट ऊंची शिव प्रतिमा के बाद अब वहां 131 फीट ऊंची बालाजी की प्रतिमा का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है. नाथद्वारा के गिरिराज परिक्रमा में निर्माणाधीन श्रीजी के हनुमान जी का यह स्वरूप अनूठा है.
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तीनों विशाल मूर्तियां आपस में एक दूसरे को देखती हुई बनाई गई हैं. इसकी कल्पना मुंबई के उद्योगपति गिरीश भाई शाह ने की थी, और श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत गोस्वामी राकेश बाबा, युवराज विशाल बाबा की आज्ञा से इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ. जमीनीस्तर से 500 फीट अरावली की पहाड़ी पर बनने वाली यह प्रतिमा 131 फीट ऊंची है जिससे इसकी ऊंचाई 631 फीट हो जाती है.
5 माह से निर्माणाधीन मूर्ति अब बनकर तैयार
इस प्रतिमा को बनाने के लिए फाइब की अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. दुर्गम रास्ते पर मूर्ति बनाने के लिए सामान ले जाना बड़ी चुनौती थी. ऐसे में यहां ट्रॉली का निर्माण कर सामान ले जाया जा रहा है. करीब 5 माह से निर्माणाधीन यह मूर्ति अब बनकर तैयार है.
विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम ने काम किया
इस मूर्ति को बनाने के पीछे तकनीकी विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम ने काम किया है. मुंबई के गिरीश भाई शाह, दिल्ली के प्रसिद्ध मूर्ति कारीगर नरेश भाई कुमावत, शरद गुप्ता, आर्किटेक्ट शिरीष सनाढ्य, राजदीप सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. नरेश भाई कुमावत ने 379 फीट ऊंची शिव प्रतिमा का कार्य भी करवाया है. दूर से नज़र आने वाला यह आकर्षक तीर्थ स्थल कुछ दिनों में बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा.
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