
राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2021 को राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर की सिंगल बेंच रद्द कर दिया. अब चयनित ट्रेनी सब इंस्पेक्टर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भर्ती को यथावत रखने के लिए सरकार हमारे साथ डबल बेंच में चलकर हमारी मदद करे. NDTV से ट्रेनी सब इंस्पेक्टर मनीषा मीणा ने कहा कि साल 2021 में राजस्थान पुलिस की सब इंस्पेक्टर भर्ती चयन हुआ था, और दो साल की ट्रेनिंग के बाद रिजर्व पुलिस में तैनाती है. अब सरकार चयनित ट्रेनी सब इंस्पेक्टर के साथ खड़ा रहकर डबल बेंच सहित सुप्रीम कोर्ट तक जाना चाहिए. ट्रेनी सब इंस्पेक्टर को न्याय दिलाने की मांग की.
पुलिस अफसर ने लिया था सरप्राइज टेस्ट
ट्रेनी सब इंस्पेक्टर मनीषा मीणा और शीना गुर्जर ने कहा, "हमने मेहनत से पद को हासिल किया है, सरकार हमारे साथ खड़ी रहकर इस भर्ती को यथावत रखे. वर्तमान सरकार तत्कालीन गहलोत सरकार में हुई, सभी भर्तियों को विशेष जांच बैठाकर जांच करे. शीना गुर्जर ने बताया कि एसओजी की SIT टीम ने सरप्राइज टेस्ट लिया था, जिसमें हम पास हुए थे. इसे रद्द नहीं होने देना चाहिए."
साढ़े 8 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन
ट्रेनी सब इंस्पेक्टर शीना गुर्जर ने बताया कि राजस्थान पुलिस की सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 में 8:30 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से लगभग 859 लोगों की भर्ती होनी थी, जिसमें अभी तक SOG साढ़े 800 लोगों की पूरी तरह से जांच नहीं कर पाई, और हाई कोर्ट ने भर्ती को रद्द कर दिया.
"बेटी के मेहनत पर पानी फिर गया"
ट्रेनी सब इंस्पेक्टर मनीषा मीणा दो बहन और दो भाई हैं. पिता उत्तर पश्चिम रेलवे विभाग में कार्यरत हैं. पिता का कहना है कि बड़ी मेहनत से बेटी ने पढ़ाई की थी. हाईकोर्ट के फैसले से बेटी मनीषा मीणा की मेहनत पर पानी फिर गया. न्यायालय के फैसले को हाईकोर्ट की डबल बेंच में ले जाने की बात कही है.
NDTV पर बिलख पड़े परिजन
ट्रेनी सब इंस्पेक्टर मनीषा मीणा के परिजनों से जब एनडीटीवी ने बात की तो माता-पिता के आंसू छलक पड़े. उन्होंने कहा की बेटी ने मेहनत करके सब इंस्पेक्टर का पद पाया था. हाई कोर्ट ने पानी फेर दिया.

जयपुर में धरने पर बैठे ट्रेनी एसआई और उनके परिजन.
जयपुर में ट्रेनी एसआई का प्रदर्शन
जयपुर के शहीद स्मारक पर सफल ट्रेनी SI ने प्रदर्शन किया. ट्रेनी SI अपने परिजनों के साथ धरने पर बैठे हैं. उन्हाेंने ने कहा कि हमारे साथ अन्याय क्यों हो रहा है, 5 साल की मेहनत पर एक झटके में पानी फेर दिया. 6% बेईमानों के कारण, 94% ईमानदारों के साथ अन्याय हो रहा है. ट्रेनी एसआई ने डोटासरा पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनके रिश्तेदार SDM बन गए, सब पढ़ने वाले उनके घर में ही थे, अब बोल रहे हैं रद्द कर दो परीक्षा.
इतनी बड़ी सरकार चोर नहीं ढूंढ नहीं सकती?
ट्रेनी एसआई ने कहा कि वीके सिंंह खुद इंटरव्यू वाले पैनल में थे, उनको तब नहीं दिखा था क्या कि भर्ती में फर्जीवाड़ा हुआ है. हनुमान बेनीवाल आज राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने तब ये मुद्दा नहीं उठाया. क्योंकि, कोई फायदा नहीं दिख रहा था. ये इतनी बड़ी सरकार है 800 लोगों में चोर नहीं ढूंढ सकती क्या?