किसी भी प्रकार की टेंशन इंसान को शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर बनाती है. इससे आंखों की रोशनी, सोचने और समझने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का होना बहुत जरूरी है. इसी को लेकर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योग और प्राणायाम को जीवन में शामिल करने के साथ अपनी आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए 'त्राटक क्रिया' करने की सलाह दी है.
वृंदावन के प्रेमानंंद महाराज भी त्राटक क्रिया के चमत्कारिक फायदे बताते हैं. जो मन को एकाग्र करता है और मन शांत होता है. प्रेमानंद महाराज सत्संग में बताते हैं कि एक केंद्र बिंंदु पर लगातार देखते हुए नाम जप करना चाहिए, जिससे जीवन में बहुत चमत्कारिक फायदे होंगे.
त्राटक क्रिया एक प्राचीन शुद्धिकरण है
त्राटक क्रिया एक प्राचीन शुद्धिकरण है, जिसे करने के लिए व्यक्ति को बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु, दीपक की लौ या वस्तु को एकाग्रता से बैठकर देखना होता है. मंत्रालय का कहना है कि त्राटक क्रिया न केवल आंखों की रोशनी बढ़ाती है, बल्कि मानसिक स्पष्टता और स्मृति को भी तेज करती है. अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से त्राटक क्रिया करता है, तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं.
आंखें साफ और चमत्कारिक
त्राटक क्रिया करने से आंखें साफ, चमत्कारिक और आकर्षक बनती हैं. इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है. स्मृति, एकाग्रता और मस्तिष्क का विकास : त्राटक क्रिया व्यक्ति के चीजों को याद रखने की क्षमता और मन की चंचलता को कम कर फोकस के साथ सोचने और समझने की क्षमता को बेहतर बनाती है. मस्तिष्क का विकास होता है.
नेत्र विकारों में सहायक
त्राटक क्रिया हर रोज नियमित रूप से करने से आंखों से जुड़ी समस्या कम होती है. आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव दूर होता है. आंतरिक ज्योति प्रज्ज्वलित : त्राटक एक ऐसी क्रिया है, जिससे व्यक्ति का आंतरिक ज्योति प्रज्वलित होता है. आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति दिन-प्रतिदिन बेहतर होती है.
सकारात्मक परिवर्तन
त्राटक क्रिया करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक एनर्जी दूर होती है. इसी के साथ मन को शांति की अनुभूति होती है.