टोंक के निवाई ब्लॉक के देवरी गांव में शनिवार शाम खुदाई के दौरान घड़ानुमा पुराना बर्तन निकला. लोगों ने कहा कि खजाना है. सूचना पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई. अब पुरातत्व विभाग की टीम इसकी जांच करेगी. इसके बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा. चारागाह जमीन पर कुछ चप्पल और गुलाब के फूल पत्तियों के साथ ही बड़ी गाड़ी के टायरों के निशान ग्रामीणों को दिखे, तो इसकी सूचना पुलिस को दी.
जेसीबी से खुदाई की गई
सूचना पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा. उस जगह पर किसी अनहोनी की आशंका या तंत्र मंत्र को देखते हुए जेसीबी मशीन से खुदाई की गई, तो जमीन के अंदर से एक देग (घड़ानुमा पुराना बर्तन) मिला, जिसको ग्रामीणों ने गड़ा हुआ खजाना बताया है. अफवाहों का बाजार गर्म है. अब पुरात्तव विभाग की टीम आकर इस पूरे मामले पर से पर्दा उठाएगी की आखिर जमीन में गड़े हुए मिले देग (बड़ा घड़ा) में आखिर क्या है.
"गुलाब की पत्तिया बिखरी थीं"
निवाई के तहसीलदार नरेश गुर्जर ने बताया कि शनिवार शाम 4 बजे खेतों के पास चरागाह भूमि में कुछ ग्रामीणों से सूचना मिली की ताजा गुलाब की पत्तियां बिखरी हुई हैं. एक चप्पल जोड़ी दिखाई दी. सूचना पर लोग एकत्रित हो गए और सरपंच रामसहाय मीणा को बुलाया. सरपंच ने पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी.
ग्रामीणों ने लाश दबी होने की बात कही
तहसीलदार ने बताया कि एकत्रित ग्रामीणों ने लाश दबी होने की बात कही. जेसीबी मशीन को बुलाकर खुदाई करवाई गई, तो एक सिल्वर का देग निकाला. देग देखकर ग्रामीणों ने खजाना मिलने की संभावना जताई. मौके पर सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हो गए. खजाने की सूचना पर थानाधिकारी घासीराम, तहसीलदार नरेश गुर्जर, भू अभिलेख अधिकारी और जाप्ता मौके पर पहुंच गया.
उपकोषाधिकारी कार्यालय में सील करवाया
तहसीलदार ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने देग को कब्जे में लेकर निवाई थाने पर लाए, जहां एसडीएम प्रीति मीणा को सूचना दी. निकले हुए देग को तहसीलदार नरेश गुर्जर विट्ठल अधिकारी घासीराम ने अधिकारियों के निर्देश के अनुसार पुरानी तहसील कार्यालय स्थित उपकोषाधिकारी कार्यालय के अंदर सील करवा के रखवाया है.
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