
Mewar Royal Family: उदयपुर के सिटी पैलेस में सुबह साढ़े 9 बजे से लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के गद्दी उत्सव की परंपरा का उत्सव शुरू हो गया. दोपहर 1:30 बजे तक परंपरा निभाई जाएगी. उनके पिता अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद यह परंपरा कराई जा रही है. उनके कुलगुरु डॉ. वागीशकुमार गोस्वामी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को गद्दी पर विराजमान करवाएंगे. डॉ. वागीश कुमार गोस्वामी को इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ कंटेम्परेरी स्टडीज-वाशिंगटन डीसी यूएसए ने साहित्य, प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद में पीएचडी की उपाधि दी है.
डॉ. वागीशकुमार गोस्वामी असाधारण प्रतिभा के धनी
डॉ. वागीशकुमार गोस्वामी का जन्म त्रितिया गृहाधीश कांकरोली नरेश गोस्वामी 108 व्रजेश कुमार महाराजश्री और रश्मिका वाहुजी, जगद्गुरु वल्लभाचार्य महाप्रभुजी के वंश में, वेल्लानाडु ब्राह्मण परिवार में हुआ. वागीशकुमार बचपन से ही असाधारण प्रतिभा के धनी हैं. वे 'वाग-ईश' यानी 'देवी सरस्वती के गुरु' के अनुरूप उनका व्यक्तित्व है. 15 साल की उम्र से ही ऑल इंडिया रेडियो उनके भाषणों और गायन पर कई कार्यक्रम प्रसारित करता था.
वागीशकुमार ने अपनी एमए (बाल मनोविज्ञान में) पूरी की. साहित्य और संगीत में गहरी रुचि है. इसके अलावा आयुर्वेद, नाड़ी परीक्षा और प्राकृतिक चिकित्सा के विषयों में भी उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि दी गई है.
ये रहेंगे कार्यक्रम
- सबसे पहले सुबह 9.30 बजे गद्दी उत्सव शुरू होगा और दोपहर 1.30 बजे तक इसकी परंपरा जारी रहेगी. यह कार्यक्रम राजमहल यानी सिटी पैलेस में होगा.
- इसके बाद दोपहर 3.15 बजे अश्व पूजन की परंपरा होगी.
- इसके बाद शाम 4.20 बजे मेवाड़ की परंपरा के अनुसार एकलिंगजी महादेव के दर्शन के लिए जाएंगे.
- इस कार्यक्रम के बाद शाम 7 बजे शहर स्थित हाथीपोल गेट पर पूजन कार्यक्रम होगा.
- इसके बाद रात 8.15 बजे भाईपा और सरदारों की रंग पलटाई दस्तूर का आयोजन होगा.
- रात 9 बजे लोग जगदीश मंदिर के दर्शन के लिए जाएंगे.
रंग पलटाई दस्तूर की रस्म भी होगी
लक्ष्यराज के पिता श्रीजी हुजूर अरविंद सिंह मेवाड़ का 16 मार्च को निधन हो गया था. इसके बाद मेवाड़ में शोक की लहर छाई हुई है. इसी के साथ कई कार्यक्रमों पर रोक लगी हुई है. गद्दी दस्तूर के साथ ही रंग पलटाई दस्तूर भी होगा. इसके लिए सिटी पैलेस में सभी तैयारियां कर ली गई हैं.
तय किया ड्रेस कोड
आयोजन में शहर सहित देशभर से प्रतिष्ठित लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है. इस में शामिल होने वाले पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा और महिलाओं के लिए सफेद सूट या पारपरिक सफेद पोशाक निर्धारित की गई है.
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