Vande Ganga program: राजस्थान में पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए शुरू हुआ ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' अब एक विशाल जन आंदोलन का रूप ले चुका है. सीएम भजनलाल शर्मा के जरिए अधिकमास की गंगा दशमी (25 मई) को शुरू हुए इस प्रदेशव्यापी अभियान ने शुरुआती 5 दिनों में ही नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं. इस महाअभियान में अब तक राज्य के करीब 3 करोड़ नागरिकों ने अपनी सक्रिय भागीदारी के तहत जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य भर में 7.31 लाख से अधिक स्थानों पर पर्यावरण और जल जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं.
टोंक, भरतपुर और सुजान गंगा से हुई शुरुआत
सीएम भजनलाल शर्मा ने टोंक के बीसलपुर बांध, भरतपुर के बंध बरेठा बांध और ऐतिहासिक सुजान गंगा पर जल-पूजन व दीपदान कर इस मुहिम की शुरूआत की थी. इसके बाद से इस अभियान ढाणी, शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अपनी पहुंच बनाई . जिसके तहत लोग कुओं, बावड़ियों, तालाबों की सफाई, श्रमदान, वर्षा जल संचयन और जल चौपालों के जरिए इससे जुड़ रहे हैं. विशेष रूप से किसानों को कम पानी में बेहतर खेती के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीकों और भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी
इस अभियान में महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही. अ ब तक आयोजित 7,31,421 कार्यक्रमों में से अकेले 1 करोड़ 56 लाख 76 हजार 363 महिलाओं ने हिस्सा लिया है, जो कुल सहभागिता (2.99 करोड़) का आधे से भी अधिक है.
5 दिनों के अभियान की मुख्य उपलब्धियां
इस अभियान को शुरू हुए 5 दिन बीत गए है, जिसके तहत 92,150 पारंपरिक जल स्रोतों और 42,015 सरकारी भवनों की कायाकल्प और साफ-सफाई की गई. 52,934 स्थानों पर सामूहिक श्रमदान हुआ और 'हरियालो राजस्थान' के तहत 36,822 पौधारोपण पिट खोदे गए. 32,437 कलश यात्राएं, 13,886 जल चौपाल व प्रभात फेरियां और 12,669 ग्राम सभाओं का सफल आयोजन हुआ. 8,642 नए विकास कार्यों की नींव रखी गई, जबकि 21,410 पूरे हो चुके कार्यों का लोकार्पण हुआ.
यह भी पढ़ें: दौसा मॉब लिंचिंग मामले में 5 लोग गिरफ्तार, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा बोले- लोग खुद बन गए अदालत और थानेदार